By LSChunav | Oct 19, 2026
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी या कांग्रेस का इंडी गठबंधन ने मुस्लिम और यादव वोट बैंक के दम पर अपनी चुनावी राजनीति की नींव तैयार की है, उसे हिलाने के लिए अब असदुद्दीन ओवैसी पूरी तरह से कमर कस चुके हैं।
वहीं, एआईएमआईएम चीफ असुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों के प्रभाव वाले इलाकों में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। अपनी सभाओं में जिसमें खास तौर पर युवाओं की ज्यादा भीड़ होती है, यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि समाजवादी पार्टी को सिर्फ यादवों की तरक्की से मतलब है, मुसलमानों को सिर्फ वोट चाहिए।
उनका यह भी आरोप है कि देश में जब मुसलमानों को जेल में डाला जाता है, तो अखिलेश यादव चुप रहते हैं, लेकिन सैफई का कोई यादव जेल चला जाए तो वह हंगामा खड़ा कर देते हैं।
अखिलेश यादव को सिर्फ यादवों से मतलब-ओवैसी
रामपुर की एक सभा में उन्होंने कुछ मुस्लिम चेहरों का उदाहरण दिया और दावा किया कि समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव ने भी कभी भी इनके लिए आवाज नहीं उठाई। उन्होंने उम्मीद जताई कि जेल में बंद आजम खान की तकलीफ कम हो।
इतना ही नहीं, उन्होंने मौलाना तौकीर रजा की जल्द रिहाई के लिए दुआ भी मांगी। उन्होंने सफूरा जरगर, इशरत और शरजील इमाम जैसे लोगों को नाम लिया और आरोप लगाया कि सपा नेता अखिलेश यादव ने इनके हक में आवाज नहीं उठाई। उनका आरोप है कि अखिलेश को कोई अब्दुल तो याद नहीं आता, लेकिन सैफई का यादव नाम सुनते ही वह परेशान हो जाते हैं।
अगर सैफई का कोई यादव जेल में चला जाएगा छह महीने के लिए तो भैया लखनऊ में चक्का जाम कर देंगे। क्यों करेंगे? क्योंकि मेरा यादव है। लेकिन अब्दुल बेचारा जेल में सड़ रहा है, भैया बोलेंगे जैसे ही तुम निकलोगे हम को वोट डाल दो बस।- असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम सांसद
यूपी में बड़ी उलटफेर की कोशिश में ओवैसी
यूपी चुनावों को लेकर ओवैसी का साफ इशारा समझ आ रहा है कि यूपी के मुसलमानों ने इंडिया ब्लॉक या समाजवादी पार्टी से मुंह फेरा तो इन दलों को भारी नुकसान हो सकता है, लेकिन वह हर सभा में यही कह रहे हैं कि वह चाहते हैं कि मुसलमान अपना नेतृत्व खुद को करे, गुलामी करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं।