इस समय महाराष्ट्र में पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन जारी है। इस बीच, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिए गए बयान की आलोचना की है। कांग्रेस ने दावा किया है कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के तहत अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाया था। देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल कई लोगों की चिंताएं वास्तविक हैं। लेकिन कुछ स्वार्थों के लिए प्रदर्शन में घुस गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी पर बरसे
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि अन्ना हजारे के आंदोलन की आड़ में भारतीय जनता पार्टी- आरएसएस के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले लोग ही अब छात्रों के प्रदर्शनों के पीछे एजेंडा देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है और आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार विरोध करने वालों को हमेशा राष्ट्र-विरोधी, खालिस्तानी, नक्सली या आंदोलनजीवी करार देती है।
'बीजेपी के कुप्रबंधन से लाखों छात्रों का प्यूचर खतरे में'
सपकाल ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित रुप से पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है और कहा है कि नाबलिंग समेत छात्रों पर अत्यधिक बल का प्रयोग किया है। इस बीच, उन्होंने सवाल किया है कि क्या फडणवीस पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हैं और आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं का समाधान बातचीत के जरिए करने में विफल रही है। नीट पेपर लीक और परीक्षाओं के कथित कुप्रबंधन ने लाखों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है।
क्या कहा फडणवीस ने?
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि, कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल कई लोगों की चिंताएं वास्तिवक थीं, हालांकि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए प्रदर्शन में घुस गए थे। उन्होने बताया कि लोकतंत्र में सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है।
अगर कोई प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से विधिवत अनुमित लेकर किया जाता है तो उसे अनुमति दी जाएगी। यह आंदोलन हर नागरिक को लोकतात्रिंक अधिकार है। उन्होंने हिंसा और बिना अनुमति किए जाने वाले प्रदर्शनों के खिलाफ चेतावनी दी।