हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बुधवार को कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली से संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई एक जांच के सिलसिले में की जा रही है।
मंत्री के बंगलूरू वाले ठिकाने पर भी तलाशी
अधिकारियों से पता चला है कि करीब 18 परिसरों की तलाशी ली जा रही है। जिनमें 64 वर्षीय मंत्री सतीश जारकीहोली का बंगलूरू के डॉलर्स कॉलोनी स्थित परिसर भी शामिल है। ईडी की टीम इन जगहों पर दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच में जुटी है। इतना ही नहीं, ईडी की जांच सतीश जारकीहोली की बेटी प्रियंका जारकीहोली तक पहुंच गई है। असल में यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत चल रही जांच से संबंधित है।
किस मामले में हुई ईडी की कार्रवाई?
इस बीच, ईडी ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई सतीश जरकीहोली के खिलाफ कथित रुप से मनी लॉन्ड्रिंग के एक अलग ममले में है। एजेंसी के मुताबिक, इसका संबंध जरकीहोली के बहनोई वाई. मंजूनाथ से संबंधित कथित आबकारी मामले से नहीं है। इस दौरान ईडी ने सुरक्षा बलों के साथ तालमेल कर कार्रवाई शुरु कर दी है।
सीएम शिवकुमार बोले-भाजपा एजेंसियों का कर रही दुरुपयोग
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ईडी की इस कार्रवाई को राजनीतिक बताया है। उन्होंने कहा कि सतीश जरकीहोली के खिलाफ ईडी की कार्रवाई कोई ऐसी बात नहीं है, जिससे सरकार अनजान हो। शिवकुमार ने यह भी कहा कि जरकीहोली वरिष्ठ मंत्री हैं और कारोबार तथा व्यापार गतिविधियों से जुड़े हैं। उन्होंने सामाजिक सेवा के काम भी किए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिपाने के लिए कुछ नहीं है और मंत्री जांच एजेंसी के हर सवाल का कानूनी और पारदर्शी तरीके से जवाब देंगे। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया।