इस समय में राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। राज्य चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने के लिए 27 अगस्त से 31 अगस्त का समय दिया। इन पांच दिनों में दो दिन छुट्टी है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 30 अगस्त को रविवार की छुट्टी है।
इसलिए दावेदारों को नामांकन के लिए सिर्फ 3 दिन मिल रहे हैं। पहला दिन तो ऐसे ही बीत गया है। नामांकन दाखिल करने के ज्यादातर केंद्र सूने रहे। 10,245 वार्डों में केवल 1144 नामांकन दाखिल हुए है। चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं के लिए सिर्फ 2 दिन का समय बचा है।
गलतियों से बचने के लिए डबल नामांकन
अब चाहे विधानसभा चुनाव हो या फिर लोकसभा चुनाव। ऐसे में कई नेता होते हैं जो एक से अधिक नामांकन पत्र दाखिल करते हैं। उन्हें डर रहता है कि नामांकन पत्र में कोई कमी रह गई तो नामांकन पत्र खारिज हो जाएंगे। एक से अधिक ज्यादा पत्र जमा कराए जाते हैं। जांच में सही पाए गए तो एक ही आवेदन को रखा जाएगा।
इस दौरान नगरीय निकाय चुनावों के नेताओं में यह डर सता रहा कि, पहले दिन भले ही 1144 नामांकन दाखिल हुए, लेकिन नामांकन भरने वाले सिर्फ 967 ही हैं। यानी 177 नेताओं ने डबल नामांकन पत्र जमा किए है।
पहले दिन भरतपुर और डीग आगे रहे
यहां पर 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाओं में कुल 10245 वार्ड हैं। नामांकन के पहले दिन इन 10245 वार्डों में 967 प्रत्याशियों ने 1144 नामांकन दर्ज करवाए। पहले दिन सर्वाधिक नामांकन भरतपुर और डीग में दाखिल किए गए हैं।
भारतपुर नगर निगम के 65 वार्डों के लिए पहले दिन 31 दावेदारों ने कुल 34 नामांकन पत्र जमा करवाए। दूसरी तरफ डीग निकाय के 40 वार्डों के लिए 33 नामांकन पत्र दाखिल हुए है। दौसां के बांदीकुई में 30 नामांकन और कोटपूतली में 28 नामांकन आए है। वहीं, कामां निकाय में 25 नामांकन पत्र जमा हुए है।
जयपुर में 13 नामांकन आए
बात करें जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। दावेदारों के नामांकन पत्र जमा करने के लिए कुल 15 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से ज्यादातर केंद्र पहले दिन सून रहे है। कोई भी दावेदार नामांकन जमा कराने नहीं आया। अब तक 150 वार्डों में से केवल 11 दावेदारों ने 13 नामांकन प्रस्तुत किए।