Chandigarh में AAP को दूसरा बड़ा झटका, Councillor Damanpreet Singh ने थामा कांग्रेस का हाथ

दिव्यांशी भदौरिया     Mar 23, 2026
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Chandigarh में AAP को दूसरा बड़ा झटका, Councillor Damanpreet Singh ने थामा कांग्रेस का हाथ

चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है, जहां वार्ड-17 के पार्षद दमनप्रीत सिंह सैकड़ों समर्थकों संग कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। ढाई महीने में यह दूसरा दलबदल है, जिससे सदन में 'आप' के पार्षद 9 रह गए हैं जबकि कांग्रेस की संख्या बढ़कर 8 हो गई है, जिससे सियासी समीकरण बदल गए हैं।

इस समय पंजाब की राजनीति में खूब हलचल मची हुई है। नगर निगम चुनाव से पहले चंडीगढ़ की सियासत में उथल-पुथल चल रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वार्ड नंबर-17 से पार्षद दमनप्रीत सिंह ने इस रविवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया है। जिसके बाद 'आप' पार्टी को बड़ा झटका लगा गया है क्योंकि बीते ढाई महीने में यह दूसरा मौका है जब पार्टी का पार्षद कांग्रेस में शामिल हो गया है। 


बता दें कि, इससे पहले मेयर चुनाव के बाज पार्षद प्रेमलता भी पार्टी छोड़ चुकी थीं। इस बीच, सेक्टर -35 के राजीव गांधी कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम में दमनप्रीत सिंह ने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गाए।


उनके साथ आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य और सेक्टर-43 डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष उज्ज्वल भसीन, अधिवक्ता विशाल शर्मा तथा युवराज अष्ट ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया। दमनप्रीत ने इस कदम को ‘घर वापसी’ करार देते हुए कहा कि जनता की सेवा के लिए कांग्रेस ही सबसे उपयुक्त मंच है, जहां से वे अपने वार्ड और शहर के विकास के लिए बेहतर काम कर सकते हैं।


नगर निगम के संभावित चुनाव से पहले पार्षदों का लगातार पाला बदल रहे हैं। यह दलों के लिए नई चुनौती बन गई है। मौजूदा स्थिति में भाजपा के पास 18 पार्षद, कांग्रेस के पास अब 8 पार्षद और एक सांसद का वोट है जबकि आप के पार्षदों की संख्या घटकर 9 रह गई है। जिससे कांग्रेस को मजबूती दिख रही है, वहीं आप की स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है। 


चुनाव से पहले गरमाई राजनीति


कहा जा रहा है कि दिसंबर 2026 में नगर निगम चुनाव होने की संभावना है। वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन चुनाव की तारीख का अभी आधिकारिक एलान नहीं हुआ है। हाल ही में हुए मेयर चुनाव में भाजपा के सौरभ जोशी मेयर बने थे और मौजूदा हाउस का अंतिम मेयर चुनाव माना जा रहा है।


तीनों दलों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप


पार्टी छोड़ने वाले पार्षद मौके के हिसाब से फैसले लेते हैं। ऐसे अवसरवादी लोग जहां उन्हें ज्यादा फायदा दिखता है, वहीं चले जाते हैं। संभव है कि उन्हें 2026 में टिकट न मिलने का डर हो। 2021 में उन्हें किसने मौका दिया, यह भी याद रखना चाहिए। -ओमकार सिंह औलख, महासचिव, आप चंडीगढ़


दमनप्रीत सिंह और उज्ज्वल भसीन जैसे जमीनी व प्रभावशाली नेताओं के जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा मिली है। अब आप के पार्षदों को भी समझ आ रहा है कि चंडीगढ़ के लिए काम करने का सही मंच कांग्रेस ही है। 2026 के निगम चुनाव में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। -एचएस लक्की, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस चंडीगढ़