Chandigarh Politics: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले, चंडीगढ़ के मेयर ने दिया इस्तीफा , बीजेपी ने 3 AAP पार्षदों का दलबदल का दावा किया

LSChunav     Feb 20, 2024
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Chandigarh Politics: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले, चंडीगढ़ के मेयर ने दिया इस्तीफा , बीजेपी ने 3 AAP पार्षदों का दलबदल का दावा किया

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले मनोज सोनकर ने चंडीगढ़ के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया। 'आप' पार्टी के तीन पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा, 'चंडीगढ़ में भाजपा आप के तीन पार्षदों को उनकी क्षमता के आधार पर उनका हक देगी, बिना किसी झूठे वादे के, जैसा कि 'आप' ने किया था।'

पिछले महीने चंडीगढ़ के मेयर चुनाव को लेकर विवाद में एक नया मोड़ आया , जब भाजपा के मनोज सोनकर ने रविवार देर रात पद से इस्तीफा दे दिया, इससे एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में आठ वोटों के बाद आप-कांग्रेस उम्मीदवार कुलदीप कुमार की हार से जुड़े मामले की सुनवाई होनी थी। विवादास्पद रूप से अवैध घोषित कर दिया गया। सूत्रों ने कहा कि सोनकर ने भाजपा नेतृत्व के साथ एक बैठक के बाद इस्तीफा दे दिया जिसमें सभी संभावनाओं पर चर्चा की गई।

चंडीगढ़ भाजपा प्रमुख जतिंदर पाल मल्होत्रा ​​ने कहा, "चूंकि विपक्षी गुट इंडिया लगातार शहर के निवासियों के मन में संदेह पैदा कर रहा है और लगातार भाजपा को बदनाम कर रहा है, इसलिए हमने सोचा कि फिलहाल पद छोड़ देना और नई शुरुआत करना बेहतर होगा।"

सोनकर का इस्तीफा ऐसे समय आया जब बीजेपी ने घोषणा की कि आप के तीन पार्षद पाला बदल चुके हैं। भाजपा ने कथित तौर पर भगवा पार्टी में शामिल होने के बाद तीनों - नेहा, पूनम और गुरचरणजीत सिंह उर्फ ​​काला - की एक तस्वीर साझा की।

आप का कहना है कि अदालतों को बीजेपी की खरीद-फरोख्त का संज्ञान लेना चाहिए

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा, चंडीगढ़ भाजपा उन्हें (आप के तीन पार्षदों को) बिना किसी झूठे वादे के उनकी क्षमता के आधार पर उनका हक देगी जैसा कि आप ने किया था।

नए सदस्यों के साथ 36- मजबूत निर्वाचक मंडल में भाजपा का ताकत बढ़कर 17 हो गई है, फिर से चुनाव होने पर भी मेयर पद का गारंटी ही मूल रुप से भाजपा पार्षद गुरचरणजीत जनवरी में नामांकन दाखिल करने के दिन आप में शामिल हुए थे। निर्वाचक मंडल में चंडीगढ़ लोकसभा भी शामिल हैं।

आप-कांग्रेस गठबंधन में मूल रुप से 20 सदस्य थे और 30 जनवरी को मेयर पद के चुनाव के लिए तैयार थें। पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह द्वारा आठ को अवैध घोषित कर दिए गए, इसके बाद बीजेपी तो 16 वोट मिले और इंडि को 12 वोट मिले। इसके बाद आप- कांग्रेस ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। मेयर चुनाव के प्रिजाइडिंग ऑफिसर रहे अनिल मसीह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बैलेट पेपर पर पेन चलाते हुए दिखें। इसी वीडियो को आप और कांग्रेस ने सबूत के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था।

बीजेपी ने कहा-हमारे पास पूर्ण बहुमत है

भाजपा नेता अरुण ने सूद ने कहा कि हमारे पास पूर्ण बहुमत है और मेयर भी हमारा ही रहेगा। वहीं पार्षद नेहा मुसावट ने कहा की आम आदमी पार्टी अपनी नीतियों में असफल रही है और पीएम मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुई हूं। पूनम देवी ने कहा- प्राधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों और दलितों के मसीहा हैं और उन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए विकास के काम किए है। बीजेपी जॉइन करके काफी खुश हूं। गुरचरण काला का भी कहना है कि, वह पहले ही भाजपा में थे, वह कुछ लोगों के हाथों गुमराह हो गए थे और अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए।