Kerala में Congress का CM फेस कौन? Delhi में Rahul Gandhi की बैठक के बाद भी सस्पेंस बरकरार।

केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर सस्पेंस बनाए रखा है, क्योंकि दिल्ली में हुई अहम बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि सीएम का फैसला यूडीएफ को बहुमत मिलने के बाद ही होगा। आलाकमान ने नेताओं को गुटबाजी से बचने और एकजुट होकर चुनाव लड़ने की सख्त हिदायत दी है।
इस समय में केरल विधानसभा चुनावों के लेकर राज्य में काफी तैयारियां चल रही है। कांग्रेस पार्टी भी अपनी तैयारियों को मजबूत कर रही है। हाल ही में दिल्ली में अहम बैठक हुई, जिसके बाद से यह सवाल उठता है कि पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा? सूत्रों से पता चला है कि शुक्रवार को दिल्ली में हुए एक महत्वपूर्ण बैठक में राहुल गांधी ने राज्य के नेताओं को साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री पर फैसला चुनाव के बाद ही लिया जाएगा। यदि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मौर्च (यूडीएफ) को बहुमत मिलेगा।
कौन होगा कांग्रेस का सीएम उम्मीदवार
आपको बताते चलें कि, पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान न आने के कारण राजनीतिक गलियारों में अटकलें जारी हैं। जिन नामों की चर्चा हो रही है उनमें विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और कुछ पार्टी नेताओं के अनुसार महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कांग्रेस उच्च कमान ने केरल के नेताओं से एकता बनाए रखने और गुटबाजी से बचने का आग्रह किया,क्योंकि शुरुआती चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में कांग्रेस को मामूली बढ़त दिखाई दे रही है और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ाया है। इस बीच, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि विवादों और आपसी कलह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खरगे बोले केरल के लोग बदलाव के लिए तरस रहे
दिल्ली बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, खरगे ने कहा कि केरल के 3.6 करोड़ लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस, अपने यूडीएफ सहयोगियों के साथ मिलकर, राज्य में प्रगतिशील, विकासोन्मुखी और कल्याणकारी शासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या बोले वेणुगोपाल?
वेणुगोपाल ने चर्चाओं को "बेहद फलदायी और सुचारू" बताया और कहा कि पार्टी ने 140 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, "खर्गे जी और राहुल जी ने केरल के नेताओं के विचार सुने। हम एकजुट होकर चुनाव में उतर रहे हैं और 100 सीटों का आंकड़ा पार करने को लेकर आश्वस्त हैं।" सूत्रो के मुताबिक, विधायी सांसदों के चुनाव लड़ने के मुद्दे पर वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले पर प्रदेश चुनाव समिति में चर्चा की जाएगी, जिसकी बैठक 27 जनवरी को होनी है। इस बैठक में राहुल गांधी, खर्गे, वेणुगोपाल, एआईसीसी केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी, वरिष्ठ पर्यवेक्षक सचिन पायलट और के जे जॉर्ज के साथ-साथ केरल के कई नेता उपस्थित थे।
हालांकि, कांग्रेस सांसद शशि थरूर अनुपस्थित रहे। पार्टी सूत्रों ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि राहुल गांधी की उपस्थिति में कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके साथ हुए व्यवहार से वे नाराज थे। सूत्रों ने बताया कि तिरुवनंतपुरम सांसद ने अपनी अनुपस्थिति के बारे में नेतृत्व को पहले ही सूचित कर दिया था।
चेन्निथला ने कहा, “कोई नाराजगी नहीं है। उनका कोझिकोड में एक कार्यक्रम था, इसलिए वे नहीं आ सके। उन्होंने हमसे पहले ही बात कर ली थी।” केरल में इस साल मई से पहले चुनाव होने की उम्मीद है, जिसमें सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य रख रहा है, कांग्रेस वापसी की उम्मीद कर रही है और भाजपा एक संभावित किंगमेकर के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है।



