Atishi वीडियो विवाद पर Delhi-Punjab में आर-पार, विधानसभा ने 3 IPS अधिकारियों को भेजा Notice

दिल्ली विधानसभा ने आतिशी के कथित वीडियो मामले में कानून मंत्री कपिल मिश्रा पर FIR करने के लिए पंजाब पुलिस के तीन IPS अधिकारियों को नोटिस जारी किया है, जिसे स्पीकर ने सदन की कार्यवाही में हस्तक्षेप और विशेषाधिकार का हनन बताया है।
हाल ही में दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। खासतौर पर यह कार्रवाई दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा और कुछ अन्य भाजपा विधायकों के खिलाफ जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR के चलते हुई है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले सप्ताह दिल्ली विधानसभा में हुई चर्चा से जुड़ा है। नवंबर 2025 में गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत दिवस पक आयोजित कार्यक्रम को लेकर सदन में बहस हुई थी। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि विपक्ष की नेता आतिशी ने गुरु तेग बहादुर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी व्यक्त की।
इतना ही नहीं, कपिल मिश्रा और कुछ अन्य भाजपा विधायकों ने सदन की कार्यवाही का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें ऐसा लग रहा था कि आतिशी ने गुरु जी के प्रति असम्मानजनक शब्द कहे। भाजपा ने तो आतिशी की विधायकी रद्द करने की मांग तक कर डाली।
पंजाब पुलिस ने जवाब दिया
इस बीच, जालंधर पुलिस कमिश्नर ने इस वीडियो को एडिटेड और फर्जी करार देते हुए कपिल मिश्रा और अन्य खिलाफ FIR दर्ज करली। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि मूल ऑडियो में आतिशी ने गुरु शब्द का प्रयोग नहीं किया। इस क्लिप को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश की गई है।
स्पीकर का सख्त रुख
दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा, "कल जो हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह भारत के संविधान पर हमला है। जिस वीडियो के आधार पर FIR दर्ज की गई है, वह किसी पर्सनल मीडियम की रिकॉर्डिंग नहीं है। यह इस सदन के अंदर की ऑफिशियल रिकॉर्डिंग है। यह पूरी तरह से सदन की प्रॉपर्टी है। सदन की प्रॉपर्टी का गलत इस्तेमाल और उसके आधार पर एक सदस्य और एक मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करना गंभीर मामला है... इसके लिए हमने कार्रवाई की है। इस मामले में पंजाब पुलिस के DGP, स्पेशल DGP साइबर क्राइम और पुलिस कमिश्नर जालंधर को नोटिस जारी किए गए हैं।"



