UP Election से पहले BJP का बड़ा दांव, जातीय समीकरण साधने वाली नई Team पर Delhi में अंतिम मंथन

दिव्यांशी भदौरिया     May 18, 2026
शेयर करें:   
UP Election से पहले BJP का बड़ा दांव, जातीय समीकरण साधने वाली नई Team पर Delhi में अंतिम मंथन

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की नई टीम का गठन दिल्ली की अंतिम मंजूरी पर अटका है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम के लिए जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए सूची तैयार कर ली गई है, जिस पर राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बैठक के बाद मुहर लगेगी।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 1 वर्ष बचा है। इस दौरान प्रदेश संगठन के नए सिरे से गढ़ने उतरी भाजपा समीकरणों की उलझन पूरी तरह सुलझा नहीं पाई है। संगठन एवं सरकार के शीर्ष चेहरों के बीच कई चरणों में मंथन के बाद अनुभव, जातीय एवं क्षेत्रीय समीकरणों को मथकर प्रदेश की सूची तो बन चुकी है, अब आखिरी मुहर नई दिल्ली से ही लगेगी।


बहुत जल्द ही अध्यक्ष नितिन नवीन एवं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह को नई दिल्ली बुलाकर सूची पर चर्चा होगी, जिसके बाद टीम घोषित होगी।


यूपी में चुनावी मैसाम का पारा तेज चढ़ रहा है


आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश के चुनावी मौसम में राजनीति का पारा तेजी से बढ़ रहा है। भाजपा ने विरोधी दलों को चुनावी कुरुक्षेत्र में घेरने के लिए हर प्रकार दांव चला है। पार्टी ने सबसे पहले संगठन का नट बोल्ट कसा। 7 साल बाद जिला के अनुसार टीम बन गई है।


इस बीच, मंत्रिमंडल विस्तार हो चुका है, लेकिन प्रदेश पदाधिकारियों एवं 6 क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा नहीं की जा सकी। पहले कहा जा रहा था कि नए साल में प्रदेश संगठन बन जाएगा। लेकिन इस पार्टी बीच-बीच में अभियानों एवं कार्यक्रमों में व्यस्त नजर आए।


भाजपा ने 2802 नगरीय पार्षदों का सामंजस्य स्थापित की


बीजेपी ने मार्च में 2802 नगरीय पार्षदों का समायोजन किया। जिसके बाद जिलों का संगठन बना, हालांकि प्रदेश इकाई एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों को लेकर पार्टी बड़ी सतर्कता से आगे बढ़ रही है।


भाजपा के रणनीतिक बड़े बदलावों से कार्यकर्ताओं में संदेश पहुंचेगा, हटाए गए पदाधिकारियों को मोर्चों, प्रकोष्ठों एवं अन्य पदों पर समायोजित कर उनके समर्थकों को भी साधा जा सकता है। यूपी में इकाई के कई नाम ऐसे हैं जिनके लंबे अनुभव का पार्टी फायदा उठाना चाहेगी। हालांकि वो अन्य मानको में फिट नहीं बैठ रहा है। 

खबर है कि यूपी में 60 प्रतिशत पदाधिकारियों को बदले जाने की चर्चा है। यूपी में 6 नामों को केंद्रीय टीम के लिए भेजा गया है।