मुस्लिम महिला से कंबल छीनना पड़ा महंगा! Rajasthan के पूर्व MP जौनापुरिया Social Media पर Troll, बढ़ा सियासी पारा

दिव्यांशी भदौरिया     Feb 23, 2026
शेयर करें:   
मुस्लिम महिला से कंबल छीनना पड़ा महंगा! Rajasthan के पूर्व MP जौनापुरिया Social Media पर Troll, बढ़ा सियासी पारा

राजस्थान के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे टोंक में एक मुस्लिम महिला से नाम पूछकर कंबल वापस लेते दिख रहे हैं। उनके इस कृत्य और विवादित बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है, जिससे सियासी विवाद गहरा गया है।

इस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। दरअसल, टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके सुखबीर सिंह जौनापुरिया को टोंक जिले की निवाई तहसील में कंबल वितरण के वक्त मुस्लिम समाज की महिलाओं से कंबल देने के बाद उनसे वापिस लेना भारी पड़ गया है। इस दौरान जौनापुरिया सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रोल का शिकार हो रहे हैं। 


क्या है पूरा मामला?


असल में पूर्व सांसद सुखवीर सिंह जौनापुरिया निवाई क्षेत्र के दौरे पर थे, जहां वे केरड़ा गांव में कंबल वितरण कर रहे थे। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं के साथ मुस्लिम महिला भी भीड़ में मौजूद थी। पहले तो पूर्व सांसद ने कंबल दे दिया, बाद में नाम पूछकर कंबल वापस ले लिया। ऊपर से उन्होंने यह भी कहा है कि जो मोदी को गाली देने वाला है, उसे रहने का हक नहीं है, चाहे भला लगे या बुरा लगे।


जब सासंद की इस बात को लेकर स्थानीय व्यक्ति ने कार में बैठते समय उन्हें टोका तो फिर दोनों में तीखी बहस शुरु हो गई। इसके बाद यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विक्रम चौधरी ने पीड़ित मुस्लिम परिवार के बीच पहुंच पहले तो कंबल वितरण किए फिर सोशल मीडिया पर जौनापुरिया को जमकर आड़े हाथों ले लिया। विक्रम चौधरी ने जौनापुरिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी ओछी मानसिकता के द्वारा जिस तरीके से एक धर्म विशेष को लेकर जो अपमान किया, यह किसी व्यक्ति विशेष या धर्म विशेष का नहीं है, बल्कि जिले के हर उस व्यक्ति का अपमान है, जो अपने अंदर स्वाभिमान रखता है।


सोशल मीडिया पर सियासी मामला गरमाया


इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अकबर खान ने भी पूर्व सांसद जौनापुरिया से इस पूरे मामले में माफी मांगने की चेतावनी दी है। लेकिन अभी तक इस मामले में सांसद जौनापुरिया ने कोई सफाई तक नहीं दी। हालांकि सोशल मीडिया पर इस मामले में जबरदस्त सियासी हंगामा शुरु हो गया है। इस दौरान करेड़ा गांव के ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।