PM Kisan Nidhi Yojana: पीएम क‍िसान न‍िधि का लाभ लेने से वंचित रह गए UP के किसान, जानिए क्या रही वजह

LSChunav     Nov 21, 2023
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PM Kisan Nidhi Yojana: पीएम क‍िसान न‍िधि का लाभ लेने से वंचित रह गए UP के किसान, जानिए क्या रही वजह

उत्तर प्रदेश के किसानों को एक बार फिर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त का सर्वाधिक लाभ मिला है। वहीं इस बार राज्य के कई किसान इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए।

उत्तर प्रदेश के किसानों को एक बार फिर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त का सर्वाधिक लाभ मिला है। हाल ही में प्रदेश के 1.75 करोड़ से अधिक किसानों के अकाउंट में 3849 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है। लेकिन बता दें कि इस बार प्रदेश के तमाम किसान इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए। अगर आप पीएम किसान निधि के आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं कि राज्य में 1.86 करोड़ से अधिक किसानों को 14वीं किस्त का लाभ मिला था। तो वहीं पिछले सालों में करीब 2 करोड़ से ज्यादा किसाना पीएम किसान निधि की योजना से लाभान्वित हो रहे थे।


क्यों वंचित रह गए किसान

आपको बता दें कि इस योजना के लाभार्थियों की संख्या में कमी का मूल कारण ई-केवाईसी का पूरा ना होना पाया गया। वहीं इसकी एक मुख्य वजह यह भी रही कि बहुत सारे अपात्रों द्वारा इस योजना का लाभ उठाए जाने की भी बात सामने आ रही है। वहीं सख्ती बढ़ने पर लाभार्थियों की संख्या कम हो गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस योजना के तहत 15वीं किस्त का लाभ उन किसानों को मिलेगा जो भूमि अंकन, बैंक खाते की आधार सीडिंग और ई-केवाईसी के मानकों पर खरे उतरे हैं।


चलाया गया अभियान

पूरे प्रदेश में ई-केवाईसी पूरा कराने के लिए व्यापक अभियान भी चलाया गया। जिसमें इस योजना के पात्र किसानों की संख्या 1.45 करोड़ से बढ़कर 1.75 करोड़ पहुंच गई। वहीं इनकम टैक्स आदि के दायरों में आने वाले किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक आशुतोष मिश्र द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ई-केवाईसी की प्रक्रिया अभी जारी है। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर से 30 नवंबर तक विशेष अभियान के तहत वास्तविक किसानों को जोड़ने का काम किया जाएगा।


बता दें कि किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही वास्तविक किसानों का ब्योरा भारत सरकार के पास भी भेजा जाता रहेगा। वहीं केंद्र सरकार एक निश्चित अंतराल में इस मद में किसानों को राशि जारी करेगी। ई-केवाईसी समेत तमाम तरह के फिल्टर सिर्फ वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ देने के लिए लगाए गए थे। इस प्रक्रिया से फर्जी लाभ लेने वाले किसानों की संख्या में कमी आई है। वहीं राज्य में 2.26 करोड़ किसानों के भूलेख अंकन और 2.04 करोड़ किसानों के बैंक अकाउंट के आधार पर सीडिंग व 1.77 किसानों का ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।