Akhilesh Yadav से मिले पार्षद Vishwajeet Tripathi, BJP छोड़ Samajwadi Party में हुए शामिल

गोरखपुर के बेतियाहाता वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने भाजपा पर कार्यकर्ताओं के अपमान और ब्राह्मणों की उपेक्षा का आरोप लगाया। सपा ने उन्हें शिक्षक एमएलसी चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
गोरखपुर के बेतियाहाता वार्ड के चर्चित पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने भाजपा को बाय-बाय कह दिया है। असल में उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली है। असल में यह पार्षद वही है जिनका पिछले महीने भाजपा सांसद रवि किशन से फोन पर विवाद हुआ था।
आपको बताते चलें कि, बीते शुक्रवार को लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे विश्वजीत त्रिपाठी को शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी की जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
अखिलेश यादव से मुलाकात होने के बाद पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाएं है। उनका कहना है कि- दिल्ली वाले नेताओं की गोरखपुर में चलती नहीं है। आज की तारीख में पूरी भारतीय जनता पार्टी हिंदू युवा वाहिनी के गोद में बैठ गई है। पूरा संगठन हाईजैक हो चुका है। अब अटल जी वाली भाजपा नहीं है।
आज के वर्तमान में परिवेश में भाजपा की जो स्थिति है वो किसी से छुपी नहीं है। आप देख सकते हैं कि इसी गोरखपुर में इसके पहले पूर्व राष्ट्रीय महासचिव डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल थे। उनको किसी भी तरीके से संगठन ने अपमानित किया। उनका दर्द सोशल मीडिया पर भी दिखा। मैं तो सिर्फ एक छोटा-सा पार्षद था। भाजपा में कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं है।
'ब्राह्मण इस बार सपा सरकार बनाएगा'
इतना ही नहीं, विश्वजीत त्रिपाठी ने अखिलेश यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा- अखिलेश यादव सर्व समाज के नेता है। उन्होंने जितना काम यूपी में किया है उसका कोई जोड़ नहीं है। आज यूपी में ब्राह्मणों को सताया जा रहा है। हम सभी लोग एक तरीके से देखा जाए तो समाजवादी पार्टी की तरफ जा रहे हैं। ब्राह्मण अब समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने जा रहा है।
'उस समय भाजपा के सांसद कहां थे?'
पार्षद ने आगे कहा कि इस सरकार में आज भी छोटी सी बरसात में गली, मोहल्ले और वार्ड डूब जाते है। अफसर सहित कर्मचारी बेलगाम हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। अभी कुछ दिनों पूर्व वर्धा के पूर्व कुलपति और विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष चितरंजन मिश्रा को जिस तरीके से अपमानित किया गया था। उन्हें जिस तरह शिक्षकों के मामले में, पेंशन ग्रेच्युटी के मामले में अपमानित किया गया था, उस समय भाजपा के सांसद कहां थे।



