Mayawati on SP: गिरगिट की तरह रंग बदलती है सपा, ब्राह्मणों को लुभाने के लिए Akhilesh Yadav का नया दांव

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क     Aug 08, 2026
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Mayawati on SP: गिरगिट की तरह रंग बदलती है सपा, ब्राह्मणों को लुभाने के लिए Akhilesh Yadav का नया दांव

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी द्वारा ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिशों पर मायावती ने तीखा हमला बोला है। बसपा प्रमुख ने सपा की रणनीतियों को गिरगिट की तरह रंग बदलने वाला बताया और पीडीए फॉर्मूले में बदलाव को राजनीतिक छलावा करार दिया। यह चुनावी घमासान राज्य में जातिगत ध्रुवीकरण और वोट बैंक की राजनीति के बदलते समीकरणों का विश्लेषण करता है।

अगले साल 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले है। जिसको लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां वोट बैंक बनाने में लगी है। इस बीच, सपा पार्टी ब्राह्मण वोटरों पर डोरे डल रही है। एक तरफ जहां जनेश्वर मिश्र की जयंती धूमधाम से मनाई गई, वहीं अयोध्या से पवन पांडेय के रुप में पहले प्रत्याशी का ऐलान कर बढ़त बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इसको लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे सपा की संकीर्ण जातिवादी राजनीति और चुनावी स्वार्थ बताया है।

इस दौरान मायावती ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय'की नीति व सिद्धांत पर अमल करने वाली सर्वसमाज-हितैषी अम्बेडकरवादी पार्टी है और यूपी में चार बार रही सरकार भी इसी के आधार पर चलाई है, जबकि समाजवादी पार्टी अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति व चुनावी स्वार्थ आदि की खातिर जगजाहिर तौर पर गिरगिट की तरह रंग बदलती रहती है।


'बसपा से तेजी से जुड़ रहा अपरकास्ट' 

बसपा मुखिया ने आगे लिखा है कि, सपा द्वारा प्रचारित इनका कथित 'पीडीए' अर्थात् (पिछड़ा, दलित, अल्‍संख्‍यक) में पहले 'पी' से 'पिछड़े' प्रचारित करने के बाद अब, अपरकास्ट समाज में खासकर ब्राह्मण समाज को बीएसपी से तेजी से जुड़ता हुआ देख व उसी के आधार पर ही पार्टी उम्मीदवार भी बनाये जाने से विचलित होकर, सपा ने अब 'पी' से 'पण्डित’ कर दिया है, जो इनके राजनीतिक छल व छलावे का एक और जीता-जागता प्रमाण नहीं तो और क्या है?


सपा की राजनीति छलावापूर्ण 

मायावती के अनुसार, ऐसे राजनीतिक छल व छलावे की राजनीति से किसी व्यक्ति विशेष का कुछ समय के लिए वक्ती तौर पर थोड़ा भला हो सकता है, किन्तु इससे उस सम्पूर्ण समाज का भला कभी नहीं हो सकता है। सर्वसमाज के लोगों को ऐसी छलावापूर्ण समाजवादी पार्टी व उसकी ऐसी संकीर्ण जातिवादी राजनीति से जरुर सावधान रहना चाहिए, यह समय की मांग व सर्वसमाज के हित में भी है।