Punjab Congress अध्यक्ष पद से Raja Warring ने दिया इस्तीफा, Rahul Gandhi को सौंपा पत्र

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी के बीच अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राहुल गांधी को सौंपा। पार्टी अब सभी गुटों में तालमेल बैठाने के लिए नए अध्यक्ष की तलाश कर रही है, जिसमें विजय इंदर सिंगला समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनका करीब साढ़े चार साल का कार्यकाल खत्म हो गया। वड़िंग ने अपना इस्तीफा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सौंपा।
कांग्रेस जल्द ही पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है। यह बदलाव 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुआ है। पार्टी अब ऐसे नए अध्यक्ष की तलाश में है, जो प्रदेश कांग्रेस के अलग-अलग गुटों के बीच तालमेल बनाने में मदद कर सके।
पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला इस पद के लिए सबसे आगे चल रहे दावेदारों में से एक के रूप में उभरे। जालंधर कैंटोनमेंट के विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी विचाराधीन लोगों में शामिल हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम राजा वड़िंग के उत्तराधिकारी को लेकर हुई चर्चाओं में सामने आए हैं।
राजा वड़िंग ने इस्तीफा क्यों दिया?
इस्तीफा पंजाब कांग्रेस के भीतर महीनों से चल रहे तनाव के बाद आया है, खासकर राजा वड़िंग का समर्थन करने वाले खेमे और चन्नी के साथ जुड़े नेताओं के बीच। कांग्रेस ने इस साल की शुरुआत में राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखते हुए और चन्नी को पार्टी की चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त करके प्रतिस्पर्धी गुटों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, यह व्यवस्था राज्य इकाई के भीतर मतभेदों को खत्म करने में विफल रही।
पंजाब कांग्रेस के नेताओं के एक वर्ग ने राजा वड़िंग को हटाने की मांग की थी, और आंतरिक विवाद पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक बैठकों में लगातार अधिक स्पष्ट होता जा रहा था। कांग्रेस के नए पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने इसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं और राज्य इकाई के कामकाज तथा उसके भीतर गुटबाजी पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को एक रिपोर्ट सौंपी। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, के सी वेणुगोपाल और पायलट समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी पंजाब की स्थिति पर चर्चा की। अंततः शीर्ष नेतृत्व ने राजा वड़िंग को अवगत कराया कि वह राज्य नेतृत्व में बदलाव चाहता है।



