UP Election 2027: ब्राह्मण वोट बैंक पर Akhilesh Yadav की नजर, नई Social Engineering से साधेंगे समीकरण?

2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ब्राह्मण वोटरों को साधने की रणनीति तेज कर दी है, जिसके तहत उन्होंने ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों संग बैठक कर संगठनात्मक मजबूती और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की। पार्टी का लक्ष्य जनेश्वर मिश्र की जयंती जैसे आयोजनों के जरिए समाजवादी मूल्यों का संदेश देकर नए सामाजिक समीकरण बनाना है।
उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले है। जिसके मद्देनजर सपा प्रमुख अखिलेश यादव सामाजिक समीकरण मजबूत करने में जुट गए हैं। संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस बैठक में आगामी कार्यक्रमों की तैयारी, बूथ स्तर तक संगठन को एक्टिव दिखाने के लिए और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई।
इस बैठक में सपा के मुखिया अखिलेश यादव ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इतना ही नहीं, गोरखपुर जिले के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अलग से बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियान को लेकर भी विचार-विमर्श किया है।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी बात
सूत्रों से पता चला है कि समाजवादी पार्टी ब्राह्मण समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए कई प्रयास में जुटे हैं। इसी मद्देनजर पार्टी ने अगस्त में होने वाले कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में है। इस बैठक में इन आयोजानों की रूपरेखा, जिम्मेदारियों के बंटवारे और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
वहीं, चर्चा के दौरान समाजवादी विचारधारा के प्रमुख नेता रहे जनेश्वर मिश्र की जंयती को भी भव्य तरीके से मनाने की योजना पर मंथन किया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस आयोजन के माध्यम से समाजवादी मूल्यों और सामाजिक समरसता का संदेश व्यापक लेवल पर पहुंचाया जा सकता है।
जो इंडिया गठबंधन था, वही रहेगा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के सवाल पर कहा कि जो इंडिया गठबंधन था, वहीं इंडिया गठबंधन रहेगा और इसने अभी भाजपा को हराया है। मंगलवार को जारी बयान में कहा, ऐसे बहुत से लोग आएंगे और बहुत सी रुकावटें आएंगी। ऐसे सभी लोग भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। उधर, उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। भाजपा सरकार के बनाए हर कॉरिडोर और चौड़ीकरण की योजना के पीछे जो घपला-घोटाला है, उसके लिए एक बहुसदस्यीय न्यायिक जांच हो।



