Giridih उपचुनाव से पहले JMM की बैठक में Shweta Sharma, पति की राजनीतिक विरासत पर तेज हुई चर्चा

दिव्यांशी भदौरिया     Sep 29, 2026
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Giridih उपचुनाव से पहले JMM की बैठक में Shweta Sharma, पति की राजनीतिक विरासत पर तेज हुई चर्चा

गिरिडीह के दिवंगत विधायक सुदिव्य सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा ने पहली बार झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन पर चर्चा की। इस मुलाकात के बाद उनके राजनीति में सक्रिय होने और गिरिडीह उपचुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर अभी पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

झारखंड में गिरिडीह क्षेत्र में उपचुनाव होने वाले है। दिवंगत मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी श्वेता शर्मा पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के मुख्य कार्यकर्ताओं के बीच पहुंची। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर संगठन और क्षेत्र से संबंधित विषयों पर चर्चा की।

श्वेता शर्मा और कार्यकर्ताओं के बीच हुआ संवाद

इस बैंठक में श्वेता शर्मा और कार्यकर्ताओं के बीच भावनात्मक संवाद भी हुआ। कार्यकर्ताओं ने सुदिव्य सोनू के साथ अपने जुड़ाव और उनके द्वारा क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद किया है। उनके निधन के बाद श्वेता शर्मा का इस तरह कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रुप से सामने आना राजनीतिक रुप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

सुदिव्य सोनू के निधन के बाद गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक विरासत और संभावित उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं काफी तेज हैं। अब श्वेता शर्मा के राजनीतिक रुप से एक्टिव होने की संभावनाओं पर भी चर्चाएं हो रही हैं। इस दौरान, उन्हें सोरेन मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें सामने आई हैं। लेकिन इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है।

काफी लोकप्रिय थे सुदिव्य सोनू- राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद

इस बैठक में मौजूद राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद ने कहा कि गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच दिवंगत सुदिव्य सोनू काफी लोकप्रिय थे। उनके असामयिक निधन के बाद उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए क्षेत्र की जनता उनकी श्वेता शर्मा को नेता के रुप में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्वेता पार्टी संगठन के कार्यों से जुड़कर काम करेंगी।

गौरतलब है कि श्वेता शर्मा की कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ऐसे समय हुई है, जब गिरिडीह विधानसभा सीट और झामुमो की आगामी राजनीतिक को लेकर चर्चाएं जारी हैं। लेकिन उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आए हैं। वैसे अभी मीडिया रिपोर्टो में उन्हें गिरिडीह उपचुनाव के लिए झामुमो की संभावित दावेदार के रुप में भी बताया गया है, लेकिन पार्टी की तरफ से औपचारिक उम्मीदवार की घोषणा का उल्लेख नहीं है।