तेजस्वी यादव को मिली बिहार विधानसभा की 'कमान', प्रेम कुमार के निर्णय से सत्ता-विपक्ष में हलचल

बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के निर्णय से अध्यासी सदस्यों की नियुक्ति और कार्यमंत्रणा समिति का गठन हुआ, जिससे सत्ता-विपक्ष के समीकरणों में हलचल मची है। प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को कार्यमंत्रणा समिति में शामिल करना आगामी विधायी सत्रों के संचालन और राजनीतिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बुधवार को सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से पांच विधायकों को अध्यासी सदस्य के रूप में नामित किया। माना जा रहा है कि यह निर्णय न केवल सदन की प्रारंभिक गतिविधियों को प्रभावित करेगा, बल्कि आने वाली विधायी चुनौतियों और सत्ता–विपक्ष के समीकरणों पर भी महत्वपूर्ण असर डालेगा। अध्यासी सदस्यों में भाजपा के राम नारायण मंडल, जदयू के रत्नेश सदा, राजद के भाई वीरेंद्र, कांग्रेस के कमरूल होदा तथा हम की ज्योति देवी शामिल हैं। पारंपरिक प्रक्रियाओं के तहत ये सदस्य सदन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाएंगे, जिससे कार्यवाही में बेहतर समन्वय और अनुशासन सुनिश्चित हो सके।
कार्यमंत्रणा समिति का गठन
बता दें कि, अध्यक्ष ने इसके साथ ही कार्यमंत्रणा समिति के गठन की घोषणा की, जिसे विधानसभा की सियासी रीढ़ माना जाता है। समिति में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिससे राजनीतिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास दिखाई देता है। समिति में अध्यक्ष स्वयं सभापति होंगे, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, संसदीय कार्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजू तिवारी को सदस्य बनाया जाता है।
सदन के संचालन में सहायता
कार्यवाही के एजेंडे, विधायी प्राथमिकताओं, सदन में अनुशासन तथा विभिन्न मुद्दों पर बहस रुपरेखा तय करने की यह समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यमंत्रणा समिति में विशेष आमंत्रित सदस्यों का चयन भी राजनैतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आमंत्रित सदस्यों में विधानसभा उपाध्यक्ष के अलावा जदयू के श्रवण कुमार, भाजपा के विनोद नारायण झा, कांग्रेस के मनोहर प्रसाद सिंह, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अख्तरुल ईमान, हम के प्रफुल्ल कुमार मांझी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) की स्नेहलता, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के अरुण सिंह और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अजय कुमार शामिल है। सूत्रों के अनुसार, यह विस्तृत संरचना आगामी सत्र की कार्यावाही को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी तरीके से बनाने में सहायक होगी।



