Sukhbir Badal पर Nanded में हमला: Z+ Security के बावजूद आखिर क्यों बार-बार निशाने पर हैं अकाली दल प्रमुख?

दिव्यांशी भदौरिया     Aug 14, 2026
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Sukhbir Badal पर Nanded में हमला: Z+ Security के बावजूद आखिर क्यों बार-बार निशाने पर हैं अकाली दल प्रमुख?

नांदेड़ के तख्त श्री हुजूर साहिब में सुखबीर सिंह बादल पर हुआ हमला जेड प्लस सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता और सुरक्षा चूक पर गंभीर सवाल खड़े करता है। धार्मिक स्थलों पर बार-बार हो रहे ये हिंसक हमले न केवल सुरक्षा प्रणाली की कमियों को दर्शाते हैं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व पर बढ़ते जोखिमों का विश्लेषण भी करते हैं।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखवीर सिंह बादल पर नांदेड़ में स्थित तख्त श्री हुजूर साहिब में एक व्यक्ति ने कृपाण से हमला किया। सुखबीर के हाथ में चोट लगी जबकि जान बचाने की कोशिश में एक पुलिस अधिकारी घायल हुआ। 

फिलहाल हमलावर पुलिस हिरासत में है। हालांकि, अभी तक हमले का मकसद स्पष्ट नहीं है।


सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में से एक है जेड प्लस

असल जेड प्लस देश की सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। जिसमें प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी और कमांडों तैनात किए जाते हैं। वैसे इनकी संख्या तय नहीं होती है, बल्कि खतरे, कार्यक्रम और स्थान की परिस्थितियों के अनुसार बदलती है। 


दो साल में दो हमले

आपको बताते चलें कि, दिसंबर 2024 में श्री हरमंदिर साहिब के बाहर सुखबीर पर गोली चलाने की कोशिश हुई थी। असल में वह धार्मिक सजा के तहत सेवादार की भूमिका निभा रहे थे। पुलिस की तत्परता से उनकी जान बची। अब नांदेड़ में कृपाण से हमला हुआ। वैसे दोनों ही घटनाएं धार्मिक स्थलों पर हुई है। नांदेड़ हमले के पीछे की वास्तिवक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


नांदेड़ हमले ने बढ़ाई चिंता

सुखबीर बादल पर हमले की घटनाओं ने पंजाब की राजनीति बढ़ती हिंसा और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय बन गया है।


2021 में नामांकन के दौरान काफिले पर हमला

बता दें कि, फरवरी 2021 में फाजल्किा के जलालबाद में नगर निकाय चुनाव के नामांकन के समय अकाली दल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प देखने को मिली। पार्टी उम्मीदवारों का नामांकन करवाने पहुंचे सुखबीर के काफिले पर पथराव हुआ और गोली चलने की बात सामने आई थी। तभी भी वे बाल-बाल बचे थे।