मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर और ममलेश्वर में दर्शन कर भारत में मजबूत और सशक्त लोकतंत्र की कामना की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर उनकी बातों और काम के बीच अंतर होने की बात कही। साथ ही उन्होंने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की कि वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सद्बुद्धि दें।
'नहीं सुधरे तो आप जिम्मेदार, भोलेनाथ नहीं करते क्षमा' हैं
इतना ही नहीं, दिग्विजय सिंह ने उनके नहीं सुधरने पर भोले बाबा की तरफ से असत्य कहने पर क्षमा नहीं किए जाने की चेतावनी जारी की जाती है। 'नहीं सुधरे तो आप जिम्मेदार, भोलेनाथ नहीं करते क्षमा' हैं। इसके साथ ही ज्ञानेश कुमार की भोलेनाथ से की गई प्रार्थना पर दिग्विजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि हैं ओंकारेश्वर के शंकर भोले बाबा भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सद्बुद्धि दो, जिस से उनकी कथनी और करनी में काफी अंतर न हो।
उन्होंने आगे कहा कि भारत में सुदृढ़ लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव आवश्यक है। मुख्य निर्वाचन आयोग आयुक्त अभी तक आप ट्रैक रिकॉर्ड भाजपा के पक्ष में रहा है। अगर दिल्ली लौटकर आप अभी तक नहीं सुधरे तो फिर आप स्वयं उसके लिए जिम्मेदार होंगे। शंकर भोले नाथ बाबा असत्य बोलने वाले लोगों को क्षमा नहीं करते। बम-बम भोले।
'दिग्विजय सिंह को किसी के शिव भक्त होने से कष्ट क्यों हो गया?'
इसके बाद से एमपी का राजनीति में हलचल मच गई है। दरअसल, खंडवा पहुंचे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि,खुद को सबसे बड़ा सनातनी और राम भक्त कहने वाले दिग्विजय सिंह को किसी के शिव भक्त होने से कष्ट क्यों हो गया? यह तो नकली कांग्रेस है, जो नकली देव भक्त हैं। इनको अब दूसरों की भक्ति से भी कष्ट है। 23 साल पहले जब वे मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे तब उन्होंने संकल्प लिया था कि वे सारे ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करेंगे। यहां तो भगवान के दरबार में कोई भी आ सकता है।
ज्ञानेश कुमार की भोलेनाथ से प्रार्थना की
आपको बताते चले कि भारत सरकार के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार मध्यप्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर थे, जिसके बाद सुबह उन्होंने ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर भगवान का दर्शन किए, साथ उनकी पत्नी भी थी, जो कि पूजन अर्चन और अभिषेक किया है। इस दौरान उन्होंने बताया कि , ओमकारेश्वर दर्शन के साथ ही उनका द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन का संकल्प भी पूरा हुआ, जो 2003 में उन्होंने लिया था । उन्होंने भारतवर्ष के सभी मतदाताओं के लिए सशक्त और पारदर्शी लोकतंत्र के ऊपर ममलेश्वर महादेव की कृपा बने रहने की प्रार्थना की।