इस समय कर्नाटक की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। दरअसल, डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो चुका है। इस बीच, शपथ ग्रहण, नए मंत्रिमंडल के गठन और संभावित उपमुख्यमंत्रियों तक, सरकार की गठन के लिए तारीख सामने आ चुकी है। आइए आपको बताते है कर्नाटक की राजनीति में चल रही हलचल के बारे में-
डीके शिवकुमार चुने गए विधायक दल के नेता
बंगलूरू के विधान सौधा में कांग्रेस विधायक दल यानी सीएलपी की बैठक संपन्न हो चुकी है। कर्नाटक कांग्रेस के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहला प्रस्ताव रखा है, जिसमें बताया गया है कि नए सीएलपी नेता का फैसला कांग्रेस नेतृत्व करेगा। इस प्रस्ताव का समर्थन डॉ. जी. परमेश्वर ने किया। बैठक में इसे सर्वसम्मति पारित किया गया है। इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल ने सिद्धारमैया की सेवाओं की प्रशंसा की है। कांग्रेस पार्टी और कर्नाटक की जनता के लिए उनके विशेष योगदान को याद करते हुए धन्यवाद किया गया है।
कब लेंगे डीके शिवकुमार शपथ?
कर्नाटक में नए सरकार गठन के लिए कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के ज्योतिषी आराध्य ने दावा किया है कि उन्होंने शिवकुमार को 3 जून को शाम 5 बजकर 15 मिनट पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की सलाह दी है। इसी दौरान डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण होगा।
कर्नाटक में सिद्धारमैया ने बेटे यतींद्र के लिए डिप्टी सीएम पद की मांग की
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने बेटे और कांग्रेस एमएलसी यतीद्र सिद्धारमैया के लिए उपमुख्यमंत्री पद की मांग की है। मीडिया खबरों के अनुसार, सिद्धारमैया ने यह मांग की है कि कांग्रेस हाईकमान के सामने दिल्ली में हुई बैठकों में रखी है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व लगातार विचार-विमर्श में जुटा हुआ है। इसी बीच, सिद्धारमैया ने अपने पुत्र यतींद्र को सरकार में अहम जिम्मेदारी दिए जाने की वकालत की है। वहीं, कांग्रेस आलाकमान नए मुख्यमंत्री के चयन के साथ मंत्रिमंडल की रूपरेखा तैयार करने और राज्य के सामाजिक तथा राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखकर आगे की रणनीति पर मंथन कर रहा है।
कहां हो सकता है शपथ ग्रहण?
बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन स्थल को लेकर भी विचार-विमर्श चल रहा है। सूत्रों से पता चला है कि शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में आयोजित किया जाए या फिर विधान सौधा की भव्य सीढ़ियों पर, इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
लेकिन विधान सौधा परिसर के आसपास तैयारियों की गतिविधियां शुरु हो चुकी है कि शपथ ग्रहण का आयोजन वहीं हो सकता है।