होम
न्यूज़
चुनाव कार्यक्रम
पार्टी को जानें
जनता की राय
राज्य
चुनावी हलचल
CLOSE

क्या South India के हितों पर नरम पड़ी DMK? Delimitation Bill के ड्राफ्ट पर MK Stalin का सस्पेंस, Congress ने घेरा

By LSChunav | Jul 17, 2026

तमिलनाडु में मानसून सत्र में परिसीमन के मुद्दे पर प्रस्तावित बिल का बदला हुआ ड्राफ्ट पेश हो सकता है। फिलहाल इस बिल के प्रस्ताव का विरोध विपक्षी दलों शुरु भी कर दिया है। उन्होंने कहा है कि सदन में भी वे इस बिल का विरोध करेंगे। दूसरी तरफ, के ऑर्गनाइज़ेशनल सेक्रेटरी आरएस भारती ने कहा कि डीएमके से बिल का विरोध करने को कहा था। यह बिल BJP सरकार द्वारा संसद के आने वाले मॉनसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है, जो 20 जुलाई से शुरु हो रहा है। 
वहीं, आरएस भारती ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा है कि हमने परिसीमन बिल को एक बार हराया था। जब बिल पेश किया जाए, तो हम उसकी सामग्री देखेंगे। यदि यह तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों के हितों के खिलाफ हुआ, तो DMK इसका विरोध करेगी। वहीं, बीजेपी सरकार DMK की सिफारिशों को शामिल करती है, तो डीएमके को इसका सीधा विरोध करने की जरुरत नहीं है।

परिसीमन के नर्म रुख पर डीएमके का बयान
इस साल जब अप्रैल में संसद में बिल पेश किया गया था,  DMK ने इसका विरोध किया था और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसकी एक कॉपी भी जलाई थी। खासकर संसद में यह बिल गिर गया था। यह पूछे जाने पर कि क्या DMK ने परिसीमन पर अपना रूख नरम किया है, भारती ने कहा कि डीएमके राज्य के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई पर अडिग है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि DMK द्वारा सुझाई गई बदलावों को बिल में शामिल किया जाता है, तो इसका मतलब है कि बीजेपी ने अपना रुख नरम किया है।

परिसीमन पर स्टालिन का बयान
इस दौरान, स्टालिन ने लंदन से अपनी पार्टी के सांसदों के साथ वर्चुअल मीटिंग की और कहा कि डीएमके राज्य के अधिकारों के लिए खड़ी रहेगी। स्टालिन ने कहा कि यदि केंद्र में बीजेपी सरकार कोई नया कानून लाती है जो राज्य के अधिकारों का उल्लंघन करता है या संविधान का उल्लंघन करता है, तो DMK उसका विरोध करेगी। पार्टी घीय ढांचे और संवैधानिक सिद्धांतों की रक्षा करने के अपने रुख पर कायम रहेगी और साथ ही संसद में तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों को जर-शोर से उठाएगी।

कांग्रेस ने डीएमके पर साधा निशाना
इस बीच, सीनियर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने डीएमके से कहा है कि वह प्रस्तावित परिसीमन बिल का विरोध किया है। उन्होंने यह तक चेतावनी दे कि यदि DMK ने अपना रुख बदला, तो यह उसके अपने सिद्धांतों के साथ धोखा होगा। वहीं, कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि डीएमके उसी तर्ज पर कायम रहेगी जो उसने इस साल की शुरुआत में बिल पर बहस के दौरान अपनाया था। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि यह बिल संसद में दोबारा लाया जाएगा, तो पार्टी इसका विरोध जारी रखेगी।
Copyright ©
Dwarikesh Informatics Limited. All Rights Reserved.