By LSChunav | Jan 06, 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पटना जोनल इकाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के तत्कालीन उप महाप्रबंधक (DGM) प्रभांशु शेखर पर शिकंजा कस दिया है। जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के माध्यम से कार्रवाई करते हुए उनकी 2.85 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थाई रुप से जब्त कर लिया है। आइए जानते हैं प्रभांशु शेखर कैसे काली कमाई से करोड़पति बने।
पत्नी और परिजनों के नाम पर किया था निवेश
ईडी ने जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि प्रभांशु शेखर ने भ्रष्टाचार के तहत कमाई गई अवैध राशि को न केवल अपने नाम, बल्कि अपनी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी कोई खपाया था। बिहार और दिल्ली में जब्त की गई संपत्तियां जैसे कि कीमती फ्लैट, जमीन, बैंक, बैलें, सोने-चांदी के जेवर और कई मोटी बीमा पॉलिसियां शामिल हैं।
CBI की चार्जशीट से खुला भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा
प्रवर्तन निदेशालय ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई और पटना एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की। सीबीआई के अनुसार, 1 जनवरी 2016 से 23 सितंबर 2022 के बीच पटना में पदस्थापन के दौरान प्रभांशु शेखर ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 4.07 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की थी।
ब्लैक मनी से ऐसे करोड़पति बने शेखर
इन्वेस्टिगेशन में यह पता चला है कि NHAI के पद पर रहते हुए शेखर ने मेसर्स अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड नामक कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने कंपनी के गलत और फर्जी बिल पास किए। इसके साथ ही सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के यूज को जानबूझकर नजरअंदाज किया। इसके बदले उन्हें मोटी रिश्वत मिली, जिसे उन्होंने परिवार के बैंक खातों में जमा किया या अचल संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल किया।