बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकत के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक से मुलाकात की है। जिसके बाद राज्य में सियासी हलचल मची हुई है। वैसे इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है। लेकिन, प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में फेरबदल की चर्चाओं के दौरान सीएम व डिप्टी सीएम से संघ प्रमुख की मुलाकात ने राजनैतिक हलचल मचा दी है। संघ प्रमुख ने दोनों डिप्टी सीएम से बृहस्पतिवार सुबह करीब 10-10 मिनट के लिए मुलाकात की।
इससे पहले मुख्यमंत्री बुधावार को रात 8 बजे संघ प्रमुख से मिले राजधानी के निराला नगर स्थित संघ कार्यालय परिसर में सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे। एकांत में दोनों के बीच लगभग 35 मिनट तक बातचीत हुई।
संघ प्रमुख दो दिनों के दौरे पर राजधानी लखनऊ पहुंचे थे और बुधवार को उनके कार्यक्रम का आखिरी दिन था। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे बंद कमरे में निजी तौर पर मुलाकात की। प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और संभावित बदलावों को देखते हुए इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इसे औपचारिक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री की संघ प्रमुख से लगातार हो रही मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं और कयासों को तेज कर दिया है।
2027 चुनाव की तैयारी
सूत्रों ने बताया है कि इधर बीच जिस तरह से संघ प्रमुख का फोकस यूपी को लेकर दिख रहा है और वह किसी न किसी कार्यक्रम के बहाने यूपी आ रहे हैं। अब यह साफ होता जा रहा है कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का ताना-बाना बुनने में संघ परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वह जब भी यूपी के दौरे पर होते हैं, मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात भी होती है। गौरतलब है कि अगले साल 2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसलिए भी सरकार और संघ के मुखिया की मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है।