By LSChunav | Oct 28, 2026
इस समय बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर ने उथल-पुथल मचा रखी है। असल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट बांकीपुर को अपने नाम किया है। फिर 3 महीने के अंदर हुए एमएलसी चुनाव में बिहार भाजपा अध्यक्ष और दरभंगा से विधायक संजय सरावगी के गढ़ में सेंध लगा दी है।
सबसे खास बात तो यह है कि दरभंगा से भाजपा के ही सांसद गोपालजी ठाकुर हैं। हालांकि, प्रशांत किशोर के लहर के सामने टिक नहीं पाए।
बांकीपुर के बाद मिथिलांचल में जन सुराज का परचम
आपको बताते चलें कि, बांकीपुर सीट पर जीत दर्ज के बाद जन सुराज पार्टी ने अब दरभंगा में भी अपना विजय अभियान जारी रखा है। प्रशांत किशोर की इस नई राजनीतिक बिसात ने राज्य के स्थापित राजनीतिक दलों की नींद उड़ गई है।
बिहार भाजपा अध्यक्ष के प्रभाव क्षेत्र और गढ़ माने जाने वाले दरभंगा में मिली ये हार भाजपा के लिए बेहद ही संवेदनशील मानी जा रही है। तीन महीने के भीतर चुनावी परिणाम भाजपा के लिए बड़ा झटका है।
प्रशांत किशोर की रणनीति ने फिर बदला सियासी गणित
गौरतलब है कि बांकीपुर और दरभंगा के नतीजों ने साफ कर दिया है कि राज्य का प्रबुद्ध, स्नातक और शिक्षक वर्ग अब पुरानी दलीय सीमाओं से बाहर निकलकर तीसरे ऑप्शन विकल्प को अपनाने के लिए तैयार है। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की नजरें इस चुनाव पर टिकी हुई थी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष के गृह क्षेत्र में इस तरह के झटके शुभ नहीं माने जा रहे हैं। लेकिन, इस सीट से कांग्रेस के सीनियर नेता मदन मोहन झा एमएलसी थे।
दरभंगा शिक्षक सीट पर जनसुराज की ऐतिहासिक जीत
बता दें कि, बिहार विधान परिषद के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी सुरेश प्रसाद राय ने शानदार चीज हासिल की है। बेगूसराय के निवासी सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा को 1111 मतों से पराजित किया है।
वहीं, देर रात तक निर्वाचन अधिकारी से जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों ने फूल-मालाओं, अबीर-गुलाल और आतिशबाजी के साथ उनका जोरदार वेलकम किया। तीसरी बार चुनावी मैदान में उतरे राय ने 9 वर्ष पहले शिक्षकों की सेवा के लिए अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस जीत का श्रेय शिक्षकों, कर्मचारियों और अपने समर्थकों को देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।