बुधवार के दिन महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है। अजित पवार के अंतिम संस्कार के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मची हुई है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को देवेंद्र फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाने की फुसफुसाहट तेज हो गई हैं। प्रफुल पटेल को पार्टी की कमान सौपने की तैयारी चल रही है। क्योंकि यह राजनीति डेवलपमेंट अभी शुरुआती दौर में है। एनसीपी सूत्रों के मुताबिक शरद पवार के साथ पार्टी के विलय को होल्ड पर रखा जाएगा। जब स्थिति सामान्य होगी तब निर्णय लिया जाएगा। अजित पवार के अंतिम संस्कार के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और मंत्री छगन भुजबल ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने सुनेत्रा से पार्टी के भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करने को आग्रह किया है। लेकिन अभी तक सुनेत्रा ने कोई जवाब नहीं दिया है।
सुनेत्रा संभालें डिप्टी सीएम का पद
सूत्रों के मुताबिक एनसीपी के बड़े नेता चाहते हैं कि उपमुख्यमंत्री का पद सुनेत्रा पवार संभालें, जबकि एनसीपी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी प्रफुल पटेल को दी जाए। एनसीपी के मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा कि जनता चाहती है कि सुनेत्रा पवार को मंत्रालय में लाया जाए। हालांकि एनसीपी की तरह से अभी तक इस पर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आपको बताते चलें कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट से सुनेत्रा पवार ने सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा था जहां उन्हें हार मिली थी। इसके बाद एनसीपी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया, अभी वह राज्यसभा की सदस्य हैं। माना जा रहा है कि सुनेत्रा पवार यदि डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार होती हैं, तो एनसीपी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ इस मुद्दे पर बातचीत शुरु करेगी।
12 दिन अभी बारामती में रहेंगी सुनेत्रा
अभी सुनेत्रा 12 दिनों तक यहीं रहने वाली हैं। अजित पवार के निधन के बाद बारामती विधानसभा सीट खाली हो गई है। बारामती सीट पर 1991 से अजित पवार अजेय रहे हैं। हालिए में स्थानीय निकाय चुनाव में पुणे और पिपंरी चिंचवड़ में अजित पवार और शरद पवार की एनसीपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। राजनीति में हलचल मची हुई थी कि चुनाव के बाद दोनों पार्टियों का आपस में विलय हो सकता है, हालांकि अजित पवार के आकस्मिक निधन के कारण यह अब टल गया है। ऐसे में सुनेत्रा पवार के निर्णय और बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव के बाद ही दोनों पार्टियों के लिए विलय पर ऑप्शन देखने को मिलेगा।