इस समय मणिपुर की राजनीति में काफी हलचल मची हुई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संसदीय बोर्ड ने मणिपुर पार्टी के विधायक दल के नेता चुनाव करने का प्रॉसेस तेज कर दिया है। पार्टी ने बीजेपी महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। गौरतलब है कि बीजेपी का यह कदम पूर्वोत्तर राज्य में एक लोकप्रिय सरकार संभावित गठन का संकेत देता है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान में कहा कि भाजपा संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में पार्टी विधायक दल नेता के चुनाव के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
दिल्ली में होगी बैठक
सूत्रों से पता चला है कि, मणिपुर के करीब 20 विधायक रविवार रात को दिल्ली पहुंचे जबकि बाकी विधायक भाजपा नेतृत्व के निर्देश पर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। मणिपुर के जो नेता दिल्ली आए हैं उनमें पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, इस बैठक में अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह और पूर्व मंत्री वाई खेमचंद सिंह शामिल है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भाजपा विधायक राजधानी में हैं और नए नेता का चुनाव करेंगे, जो नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
मणिपुर में बीजेपी के कितने विधायक और क्या समीकरण?
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके पास 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 32 सीटें मिली थीं, लेकिन बाद में जनता दल (यूनाइटेड) के छह में से पांच विधायकों के भाजपा में शामिल होने से उसकी संख्या बढ़ गई। विधानसभा में अन्य दलों की स्थिति देखें तो नेशनल पीपुल्स पार्टी के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच, कांग्रेस के पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस के दो, जनता दल (यूनाइटेड) का एक और तीन निर्दलीय विधायक मौजूद हैं। वहीं, एक सीट वर्तमान में विधायक के निधन के कारण रिक्त है।