फिलहाल राज्य चुनाव आयोग ने पंजाब के दिशा-निर्देशों के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव 26 मई को कराएं जाएंगे। चुनावों को घोषणा के बाद से संबंधित क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू कर दी गई है। जिला चुनाव अधिकारी हरप्रीत सिंह ने सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को चुनाव आचार संहिता का पूरी तरह पालन करने के आदेश दिए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान कोई भी प्रत्याशी धर्म, जाति अथवा किसी विशेष समुदाय के आधार पर मतदाताओं से समर्थन नहीं मांग सकेगा। उन्होंने बताया कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या अन्य धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल प्रचार गतिविधियों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही किसी उम्मीदवार के निजी जीवन को लेकर झूठे या बिना सबूत के आरोप लगाने तथा भड़काऊ भाषण देने वालों पर निर्वाचन नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी इमारतों में नहीं होगा प्रचार
पंजाब प्रशासन की तरफ से जारी निर्देशों में पाया गया है कि कोई भी उम्मीदवार या समर्थक बिना अनुमति सरकारी इमारतों या सरकारी संपत्ति पर पोस्टर, बैनर या होर्डिंग नहीं लगाएगा। निजी संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने के लिए संपत्ति मालिक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है। इसकी प्रति संबंधित निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करवानी होगी।
उन्होंने आगे बताया है कि चुनाव प्रचार सामग्री जैसे पोस्टर और पंपलेट पर छापने वाले और प्रकाशित करने वाले व्यक्ति का नाम और पता लिखना जरुरी होगा। इसके अलावा जनसभाओं, रैलियों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग के लिए पहले से संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना जरुरी है।
स्पीकारों के प्रयोग को किया सीमित
जिला चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनुमति मिलने के बाद भी स्पीकारों का इस्तेमाल सिर्फ सुबह सात 7 बजे से रात दस बजे तक ही किया जा सकता है। इसके अलावा, अतिरिक्त मकदाताओं को किसी प्रकार का लालच, उपहार या शराब बांटने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
राज्य आयोग के अनुसार, मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा। किसी भी उम्मीदवार या उसके समर्थकों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने का कहा गया है, जिससे विभिन्न धर्मों जातियों या समुदायों के बीच तनाव या नफरत फैलने की आशंका हो।
विरोधियों के घरों के बाहर नहीं लगा पाएंगे धरने
आपको बता दें कि, प्रशासन ने यह भी कहा कि विरोधी उम्मीदवारों के घरों के सामने प्रदर्शन या धरना देने की अनुमति नहीं होगी। किसी अन्य उम्मीदवार की चुनावी सभा में बाधा डालना भी चुनाव कानून के तहत अपराध माना जाएगा।
जिला चुनाव अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से अपील की कि वे चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव करवाने में प्रशासन सहयोग जरुर करें।