By LSChunav | Sep 15, 2026
इस बार राजस्थान निकाय चुनावों में जनता ने बड़े से बड़े दिग्गज नेताओं को धूल चटा दी है। असल में पू्र्व सीएम अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अपने वार्डों में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को नहीं जिता पाए। इसके अलावा, भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने गृह जिले झालावाड़ में बीजेपी का बोर्ड नहीं बना पाई।
इतना ही नहीं, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के गृह जिले अजमेर के निगम चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर के निगम में भी भाजपा बोर्ड बनाने में पीछे रह गए।
गहलोत के वार्ड में बीजेपी और गजेंद्र के वार्ड में कांग्रेस जीती
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अपने वार्ड में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों को चुनाव नहीं जीता पाए। आपको बता दें कि, तीन बार प्रदेश के सीएम रहे गहलोत के वार्ड नंबर 88 में कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, केंद्रीय मंत्री शेखावत के वार्ड में भी भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, जोधपुर नगर निगम के 44 वार्डों में कांग्रेस और 44 वार्डों में भाजपा के प्रत्याशी चुनाव जीतने में कामयाब रहे।
मुख्यमंत्री के गृह जिले में नहीं बना निगम का बोर्ड
दूसरी तरफ, सीएम भजनलाला शर्मा का गृह जिला भरतपुर है लेकिन भरतपुर नगर निगम में भी भाजपा अपना बोर्ड नहीं बना पा रही है। भारतपुर नगर निगम के कुल 65 वार्डों में से भाजपा सिर्फ 20 वार्डों में चुनाव जीती है। कांग्रेस भी सिर्फ सात वार्डों में सिमट गई है। भरतपुर में निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा रहा। यहां पर 38 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।
वहीं, वसुंधरा राजे के गृह जिले झालावाड़ में भी भाजपा अपना परचम नहीं लहरा पाई। यहां कुल 45 वार्डों में से भाजपा को महज 13 वार्डों में ही जीत हासिल की है। झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बन रहा है। कांग्रेस ने 45 में से 39 वार्ड जीत लिए।