हालिए में जमीयते उलेमा के अध्यक्ष महमूद मदनी के देश में जिहाद को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा था कि जहां-जहां ज़ुल्म होगा, वहां-वहां जिहाद होगा और यह विषय स्कूलों में भी पढ़ाया जाना चाहिए। उनके इस बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। रजवी ने मदनी के बयान की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें गद्दार तक कह दिया।
इतना ही नहीं, बरेलवी ने यह तक कह दिया कि, मदनी ने बहुत खतरनाक बात कही है। अगर जिहाद को स्कूलों में शमिल किया गया तो यह बेहद ही खतरनाक होगा। मदनी देश के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि देश में हिंदू और मुसलमानों के बीच एक बड़ा टकराव हो। यदि ऐसा हुआ तो सबसे ज्यादा नुकसान हो मुसलमानों को ही होगा।
बरेलवी ने मदनी पर नफरत फैलाने के बीज बोने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि भारत दारुल-सलाम है, यानी अमन और सलामती वाला देश, इसलिए यहां जिहाद का कोई औचित्य नहीं है। आरोपों के अनुसार, मदनी कहते हैं कि जो लोग जिहाद का विरोध कर रहे हैं, वे गद्दार हैं, जबकि बरेलवी का दावा है कि वास्तव में मदनी ही देश के खिलाफ साजिश कर रहे हैं और समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
मुसलमानों से मोदी का विरोध न करने की अपील
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी राजनैतिक मामलों में जमकर बयान देते रहते हैं। उन्होंने मुसलमानों से अपील की थी कि वे लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी नरेंद्र मोदी का विरोध न करें। उनका कहना है कि नरेंद्र मोदी के विरोध की जिम्मेदारी सिर्फ मुसलमानों के कंधों पर डाल दी जाती है। ऐसा करने से मुसलमान हमेशा हाशिए पर रहता है और फायदा सेकुलर दल उठा ले जाते हैं।
योगी के अखंड भारत का समर्थन किया
साल 2024 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के समय अपने भाषण में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सिंध के बगैर हिंद मुकम्मल नहीं और चुनाव जीतने के बाद कश्मीर, जो पाकिस्तान के नियंत्रण में है, उसे हिंदुस्तान में शामिल किया जाएगा। मौलाना शहाबुद्दीन ने उस दौरान सीएम योगी के बयान का समर्थन किया था।
अखिलेश यादव मुसलमान को सीएम बनाएं
इतना ही नहीं, रजवी ने समाजवादी पार्टी के सुप्रीमों अखिलेश यादव से सवाल किया था कि कब तक यादव परिवार मुसलमान के कंधों पर यूपी का सीएम बनता रहेगा? उन्होंने मांग की कि साल 2027 में अखिलेश यादव किसी मुसलमान को सीएम बनाएं।