बिहार की राजनीति में उथल-पुथल मची ही रहती है। सत्ता पक्ष और विपक्ष की सुरक्षा सिक्योरिटी को लेकर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बाद उनके बेटे और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा सरकार को वापस कर दी है।
तेजस्वी यादव ने लुटाई अपनी सुरक्षा
बिहार विधानसभा विपक्षी नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा इसी साल जनवरी में समीक्षा के बाद कम कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई समीक्षा के बाद उनकी Z श्रेणी की सुरक्षा को घटाकर Y प्लस श्रेणी में कर दिया गया था, जिसके तहत वे अब तक सुरक्षा प्राप्त कर रहे थे। हालांकि, हाल ही में उनके माता-पिता द्वारा उठाए गए कदम के बाद तेजस्वी यादव ने भी सरकारी सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। फिलहाल वे दिल्ली में मौजूद हैं, जबकि उनकी सुरक्षा में तैनात Y प्लस सुरक्षा टीम पटना लौट चुकी है।
RJD ने शुरु की सिक्योरिटी बॉयकॉट पॉलिटिक्स
बताया जा रहा है कि तेजस्वी की सुरक्षा में तैनात कई सिक्योरिटी जवान पटना वापस आ गए हैं। एक ओर तेजस्वी यादव ने लालू यादव और रबड़ी देवी के बाद सुरक्षा का 'Boycott' कर दिया है। इसे राजद की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राजद नेताओं ने आरोप लगया है कि सुरक्षा घटाने की कार्रवाई बदले की नीयत से की गई है।
राजद प्रवक्ता क्या बोले?
शक्ति सिंह यादव ने बताया कि सरकार ने जानबूझकर लालू परिवार की सुरक्षा में व्यापक कटौती की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को वाहन से ठोंका गया था। इसके बाद सुरक्षा कम करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को कमजोर करने और डराने का प्रयास कर रही हैं।
पहले आवास को लेकर विवाद खड़ा किया गया और अब सुरक्षा का मुद्दा सामने लाया गया है। विपक्ष को कमजोर करने का कोई भी प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
ये विपक्ष को खत्म करना चाहते हैं: शक्ति सिंह यादव
उन्होंने आगे कहा कि पहले आवास को लेकर विवाद खड़ा किया गया और अब सुरक्षा मुद्दा सामने लाया गया है। जनता के जनादेश से पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका तय होती है और विपक्ष को कमजोर करने का कोई प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ये विपक्ष को ही खत्म करना चाहते हैं, विपक्ष को बुलडोज करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जनता के जनादेश पर आप जो कुठाराघाट हमला कर रहे हैं उसे बिहार बर्दाशत नहीं करेगा।