By LSChunav | Oct 20, 2026
इस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल काफी तेज है। सपा के प्रमुख अखिलेश यादव इस समय काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। लगातार जनसभा और प्रेस वार्ताओं के जरिए बीजेपी को घेरने में लगे हैं।
इतना ही नहीं, अखिलेश यादव ने संविधान दिवस 26 नवंबर 2026 को समाजवादी पार्टी का मैनीफस्टो जारी करने का ऐलान किया है। वहीं, सपा के मुखिया ने इसे पीडीए का पणपत्र बताया है।
सोमवार सुबह अखिलेश यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है- सत्ताइस का संकल्प: पीडीए का प्रणपत्र। संविधान दिवस 26 नवंबर 2026 के लोकतांत्रिक पावन अवसर पर हम जारी करेंगे जन-मन का मैनीफेस्टो।
पीडीए पॉलिटिक्स के जरिये सपा को मिली सफलता
आपको बताते चले कि 2024 लोकसभा चुनावों के समय से सपा ने पीडीए (पिछड़ा-दलित और अल्पसंख्यक) पॉलिटिक्स शुरु की है। वैसे इसका बेहतरीन रिजल्ट भी उनको नतीजों में देखने को मिला है। बता दें कि, लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने 37 लोकसभा सीटों पर कब्जा किया है। अब इसी पीडीए राजनीति के सहारे अखिलेश यादव 2027 का चुनाव भी जीतने की फिराक में है।
पिछड़े समाज के नेता जॉइन कर रहे सपा
असल में इस योजना के चलते भाजपा और कांग्रेस के कई पिछड़े और दलित नेताओं की सपा में जॉइनिंग कराई गई है। अखिलेश यादव का कहना है कि जो पीड़ित है वो पीडीए है। सपा में हर किसी की सुनवाई होगी। अखिलेश यादव लगातार जनसभाओं में भाजपा सरकारों में दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार हो रहा है। सपा की सरकार बनने पर इस समाज के लोगों को सम्मान दिलाने का कार्य किया जाएगा।
पीडीए के साथ जेन जी युवाओं पर भी नजर
अखिलेश यादव के सामने पीडीए के साथ जेन जी युवाओं को भी साधने की कोशिश में है। कुछ समय से वह रोजगार, पेपर लीक सहित अन्य मुद्दों पर हुए युवाओं के प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी ने व्यापक स्तर पर समर्थन दिया है।