यूपी के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने इंडिया गठबंधन के मौजूदा और संभावित दलों के लिए स्पष्ट संदेश दिया गया है। सूत्रों से पता चला है कि गठबंधन में शामिल किसी भी दल को सिर्फ उन्हीं प्रत्याशियों को उतारा जाए जो जीत सकते हैं और जिनका अपने संबंधित क्षेत्रों में मजबूत व्यक्तित्व जनाधर है। यह कदम आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा है।
समाजवादी पार्टी का मानना यह है कि गठबंधन की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि मैदान में उतारे जाने वाले उम्मीदवार कितने प्रभावी हैं। इसलिए कांग्रेस सहित अन्य सहयोगी दलों को यह स्पष्ट कर दिया हैकि वे जिन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं या उन पर अपने प्रत्याशियों के नाम और उनकी जीत की संभावनाओं का विवरण पहले प्रस्तुत करना होगा।
सपा समीक्षा करेगी
इतना ही नहीं, समाजवादी पार्टी इस ब्योरे की समीक्षा करेगा और सिर्फ उन्हीं उम्मीदवारों को हरी झंडी देगा, जिनके बारे में पार्टी को पूर्ण विश्वास होगा कि वे चुनाव जीत सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनावी राजनीति में व्यक्तिगत आधार और जमीनी पकड़ का महत्व सर्वोपरि है। जिन उम्मीदवारों की जनता से सीधी पकड़ होती है और वे अपने क्षेत्र की समस्याओं से जागरुक होते हैं, वे दमदारी के साथ चुनाव लड़ते हैं। बता दें कि, सपा ने ऐसे ही उम्मीदवारों को प्राथमिकता देकर सत्ता तक पहुंचने की रणनीति बनाई है।
आपको बता दें कि, यह नई रणनीति सीट बंटवारे की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है। सपा केवल उन्हीं सीटों को अन्य दलों को आवंटित करेगी। इसके लिए यह उनके द्वारा प्रस्तावित उम्मीदवारों की योग्यता से संतुष्ट होगी। यह सुनिश्चित करेगा कि गठबंधन के अंदर किसी भी सीट पर कमजोर उम्मीदवार को खड़ा करके जीत के मौके को व्यर्थ नहीं किया जाएगा। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव कह चुके हैं कि इंडिया गठबंधन के तहत सीटों का बंटवाला उनकी पार्टी ही करेगी।