सोमवार को राजधानी लखनऊ में लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले लोग कोटेदारों को शक की निगाह से देखते थे। उनका सम्मान नहीं होता था। कोटेदार शब्द से ही लोगों को चिढ़ हो जाती थी। आपकी गलती नहीं थी, लेकिन गाली आप खाते थे, लूट उनकी होती थी, खामियाजा आपको भुगतना पड़ता था। आपके सामने पहचान का संकट था।
शिक्षा में भी यही हाल था
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद में भी यही हाल था। वो अब कह रहे हैं कि स्कूलों का वीडियो बनाएंगे। वहीं, 2017 के पहले भूख से मौत होती थी। गरीब का राशन कार्ड कोई न कोई सपाई अपने घर में रख लेते था। गरीब भूख से मरता था। आज ऐसी स्थिति नहीं है।