पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत 3000 रुपये देने के लिए 12 पन्नों का फॉर्म बनाया है। अब इस फॉर्म को लेकर विवाद शुरु हो गया है। कांग्रेस और टीएमसी के नेता फॉर्म को लेकर आपत्ति जाता रहे हैं। इस बीच, टीएमसी नेता कुणाल घोष का कहना है कि अन्नपूर्णा भंडार का जो फॉर्म जो फॉर्म सामने आया है, वो 12 पन्नों का है। जब ममता बनर्जी ने लक्ष्मी भंडार की योजना शुरु की थी, तो भाजपा ने कहा था कि यह तो भीख है, हम कोई भिखारी नहीं हैं। वे दूसरे राज्यों में ममता बनर्जी की भंडार योजना की नकल कर रहे हैं।
टीएमसी ने बीजेपी पर लगाए आरोप
उन्होंने आगे कहा कि, भाजपा वालों ने वादा किया था कि अन्नपूर्णा भंडार योजना के जरिए हर महीने 3,000 रुपये दिए जाएंगे। हमने उनसे कहा था कि यह फॉर्म असली नहीं हो सकता। यह आज साबित हो चुका है कि यह फॉर्म असली नहीं था। नए फॉर्म में इतनी ज्यादा जानकारी क्यों मांगी गई है? इससे पहले ही लाखों महिलाएं इस योजना से बाहर हो जाएंगी। आप इतने सारे लोगों को बाहर कर रहे हैं। अन्नपूर्णा भंडार का मौजूदा फॉर्म और उसके नियम-शर्तें कई महिलाओं को इस योजना से बाहर कर देते हैं। हमारी यह मांग है कि आप चुनावी वादा जरुर पूरा करें। आपको 1 जून से 3000 रुपये देने हैं।
अग्निमित्रा पॉल ने दिया जवाब
टीएमसी के इस दावे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद बंगाल की जनता ने टीएमसी को नकार दिया है। हमारी पार्टी के बारे में उनकी बातों का जवाब देना मेरे लिए अपमान की बात है।
हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अन्नपूर्णा योजना के असली लाभार्थियों को ही पैसा मिले, क्योंकि यह हमारी माताओं और बहनों का पैसा है। हम नहीं चाहते कि रोहिंग्या या अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए इसका फायदा उठाते हैं।