इस समय पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी में फूट देखने को मिल रही है। पार्टी प्रमुख ममता द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में कई सांसद (MP) शामिल नहीं हुए, जिससे पार्टी में टूट और गुटबाजी की अटकलें तेज हो गई हैं। ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर शुक्रवार को बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में सिर्फ 8 विधायक बी पहुंचे। वहीं, लोकसभा और राज्यसभा के ज्यादातर सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए।
पार्टी पर संकट के बादल
बता दें कि, टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से दो-तिहाई से अधिक नेता अब खुलकर विद्रोह कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले 60 विधायकों ने मुख्य बैठक से बहिष्कार कर दिया था।
शुक्रवार की बैठक में बेहद कम उपस्थिति ने पार्टी नेतृत्व को चौंका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कई विधायकों और सांसद अब पार्टी की दिशा और ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं।
बैठक में 4 सांसद शामिल हुए
शुक्रवार की अहम बैठक में पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में सिर्फ 4 ही शामिल हुए, जबकि राज्यसभा के 13 सांसदों में से 11 गायब रहे। ममता बनर्जी के भतीजे और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी बैठक में मौजूद थे।
इसके अलावा, राज्यसभा से केवल डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन ही पहुंचे। विधायकों में मदन मित्रा, बीना मंडल, अशिमा पात्रा, फिरहाद हकीम, कुणाल घोष, सोवनदेब चट्टोपाध्याय, बिमान बनर्जी और अशोक देब मौजूद रहे।