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UP Politics में भूचाल! Akhilesh Yadav का दावा- 225 MLA का टिकट काटेगी BJP, बताई वजह

By LSChunav | Jun 10, 2026

अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर राजनीतिक दलों में काफी वार-पलटवार की जंग शुरु हो चुकी है। इस बीच, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी 225 सीटों पर अपने उम्मीदवार बदल देगी। 
असल में यूपी सरकार ने मंत्री नंद गोपाल नंदी से UPEIDA का चार्ज वापस ले लिया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास रहने वाली है। अखिलेश यादव ने सरकार के इस फैसले को काफी देर से उठाया है और इसे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़ रहे हैं।

सीएम कार्यालय सभांलेगा UPEIDA का कामकाज
दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अथॉरिटी का कामकाज सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय संभालेगा। इस आदेश के बाद प्रोजेक्ट और फाइनेंस से संबंधित मंजूरियां अब नंद गोपाल नंदी के नेतृत्व वाले इंडस्ट्रियल डेवलमेंट डिपार्टमेंट के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के जरिए होंगी।

'नंदी को अगले चुनाव में नहीं मिलेगा टिकट'
अखिलेश यादव ने बताया है कि यह कार्रवाई देर से की गई है और राजनीतिक मकसद से प्रेरित है। इलाहाबाद दक्षिण से विधायक नंदी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि, आज उनकी ताकत कम कर दी गई है और जब उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलेगा तो वे कहीं नजर नहीं आएंगे। आगे उन्होंने आरोप लगाए कि एक्सप्रेसवे के मुख्य काम पूरे होने के बाद अधिकार छीनने का कोई मतलब नहीं है। घटिया क्वालिटी के एक्सप्रेसवे बनने और घूस के टारटेग पूरा होने के बाद उनसे अधिकार छीनने का क्या फायदा?

'प्रयागराज की सभी सीटों पर दिखेंगे नए चेहरे'
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चाएं तेज हैं कि जनता में बढ़ती नाराजगी, भ्रष्टाचार के आरोपों और सत्ता-विरोधी माहौल को देखते हुए BJP आगामी चुनावों में कई मौजूदा उम्मीदवारों के टिकट काट सकती है। चर्चाओं के अनुसार, पार्टी प्रयागराज की अधिकांश विधानसभा सीटों पर नए चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है, जिसमें नंदी की सीट भी शामिल बताई जा रही है। पार्टी के भीतर यह धारणा बन रही है कि कुछ जनप्रतिनिधि क्षेत्रीय विकास के बजाय व्यक्तिगत लाभ पर अधिक केंद्रित रहे, जिसका असर 2024 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद सीट पर पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ा।

हार वाली सीटों पर उम्मीदवार बदलेगी भाजपा
सपा अध्यक्ष का कहना है कि भाजपा उन सभी निर्वाचन क्षेत्रों में यही तरीका अपनाने पर विचार कर रही है, जहां उसे 2024 में हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर इसी रणनीति को दोहराना चाहती है जो वह INDIA गठबंधन से हारी थी। इसी आधार पर अखिलेश यादव ने दावा कर दिया कि 2027 से पहले करीब 225 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार बदले जा सकते हैं।

बीजेपी विधयाकों को पता है कि हार तय है
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा के कई मौजूदा विधायक अगला विधानसभा चुनाव लड़ने को इच्छुक नहीं हैं क्योंकि उन्हें सपा के PDA फॉर्मूले ( पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के सामने अपनी हार साफ दिख रही है। अखिलेश ने यह दावा किया कि बीजेपी विधायकों ने राज्य सरकार की नीतियों को लेकर जनता की नाराजगी को स्वीकार करना शुरु कर दिया है। इससे चुनावों की तैयारी करने की उनकी इच्छा पर असर देखने को मिलेगा। वे जानते हैं कि हार तय है। 
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