Maharashtra Politics में महाबगावत! Uddhav Thackeray को आज लगेगा सबसे बड़ा झटका, 6 सांसद शिंदे गुट में

दिव्यांशी भदौरिया     Jun 22, 2026
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Maharashtra Politics में महाबगावत! Uddhav Thackeray को आज लगेगा सबसे बड़ा झटका, 6 सांसद शिंदे गुट में

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी उथल-पुथल के बीच शिवसेना UBT के 6 बागी सांसद आज एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं, जिससे उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। इस दलबदल से शिंदे खेमे को दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए आवश्यक बहुमत मिल सकता है, वहीं उद्धव ठाकरे ने स्थिति से निपटने के लिए एक अहम बैठक बुलाई है।

कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में काफी हलचल मची हुई है। महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) फूट की अटकलों के बाद बड़ी खबर सामने आई है। इस खबर से उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लग सकता है। आज दोपहर 3 बजे करीब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इन 6 सांसदों के शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में औपचारिक रूप से शामिल होने की उम्मीद है। इससे बागी गुट को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए जरुरी दो-तिहाई बहुमत मिल सके।


उद्धव ठाकरे बनाएंगे रणनीति

बता दें कि, यह बैठक महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन होगी। इसे पार्टी छोड़ने वालों दलबदल को लेकर बढ़ती हुई चिंताओं के बीच उद्धव ठाकरे की अपने लोगों को एकजुट रखने कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। संभावना है कि ठाकरे पार्टी के सभी विधायकों को संबोधित करेंगे और लोकसभा सांसदों के एक गुट की बगावत के बाद पार्टी की रणनीति बताएंगे।


राजूल पाटिल पहुंचीं मातोश्री

फिलहाल शिवसेना (UBT) सांसद संजय दीना पाटिल की बेटी राजूल पाटिल ने मुंबई में 'मातोश्री' पर पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राजूल पाटिल ने कहा कि वह शिवसेना (UBT) अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखेंगे और अपनी स्थिति को स्पष्ट करने आई थीं। उन्होंने कहा कि मैं अपना पक्ष रखने के लिए उद्धव  जी के पास आई थी और मैंने उनसे कहा कि मैं शिवसेना (UBT) के साथ हूं। उनका दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब पार्टी  'ऑपरेशन टाइगर' के तहत कई सांसदों के कथित रुप से पाला बदलने से पैदा हुए गहरे संकट से परेशान हैं।


शिवसेना यूबीटी ने गायब सासंदों को दिया नोटिस

पिछले शनिवार को शिवसेना (UBT) ने अनुपस्थित रहने वाले अपने सांसदों को एक नया 'कारण बताओं नोटिस' जारी किया और उन्हें 'दल-बदल विरोधी कानून' के जरिए अयोग्य घोषित करने की चेतावनी दी। यह नोटिस लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने जारी किया था। उन्होंने सांसदों को निर्देश दिया कि वे संसदीय दल की एक मुख्य भूमिका बैठक में अपनी अनुपस्थिति के बारे में 24 घंटे के अंदर लिखित स्पष्टीकरण दें।


कैसा बढ़ा विवाद?

यह विवाद तब और बढ़ गया जब नई दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में सिर्फ 3 ही शामिल हुए। जहां अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे बैठक में शामिल हुए, वहीं संजय दीना पाटिल सहित 6 सांसद अनुपस्थित रहे। इतना ही नहीं, शिवसेना (UBT) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पहले कहा था कि अनुपस्थित सांसदों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया पहले ही शुरु हो चुकी है। राजनीतिक हलचल तब तेज हुई जब शिवसेना MLC चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे में भरोसा जताया है और उनके गुट में शामिल हो गए हैं।