Samrat Choudhary का 'मास्टरस्ट्रोक': कैबिनेट में पढ़े-लिखे, अनुभवी और युवा नेताओं का परफेक्ट बैलेंस

दिव्यांशी भदौरिया     May 08, 2026
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Samrat Choudhary का मास्टरस्ट्रोक: कैबिनेट में पढ़े-लिखे, अनुभवी और युवा नेताओं का परफेक्ट बैलेंस

बिहार में सम्राट चौधरी के नए मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है, जिसमें मंत्रियों की शिक्षा और राजनीतिक अनुभव पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस कैबिनेट में पीएचडी और एमबीए डिग्री धारकों से लेकर अनुभवी नेताओं तक का मिश्रण है, जो युवा और अनुभव के संतुलन को दर्शाता है।

गुरुवार को बिहार राज्य में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है। इस मंत्रिमंडल की टीम में अनुभव और युव नेतृत्व को भी मौका दिया गया है। आइए आपको इन सभी मंत्रियों की शिक्षा और उनके राजनीतिक अनुभावों के बारे में बताते हैं।


विजय कुमार सिन्हा


विजय कुमार सिन्हा की आयु 58 वर्ष है। इंजीनियरिंग की है। वर्ष 2010 से लखीसराय विधानसभा सीट विधानसभा अध्यक्ष और डिप्टी सीएम के रुप में कार्य करने का अनुभव है।


 दिलीप कुमार जायसवाल


 62 साल के दिलीप कुमार जायसवाल ने पीएचडी कर रखी है। बिहार विधान परिषद के सदस्य है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष है। उद्योग और सड़क निर्माण और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल बिहार विधान परिषद में सत्तारुढ़ पार्टी के डिप्टी चीफ सचेतक हैं।


नीतीश मिश्रा


52 वर्ष के नीतीश मिश्रा ने एमबीए कर रखा है और यह भाजपा के अनुभवी नेता है। नीतीश मिश्रा पांच बार झंझारपुर के विधायक और ग्रामीण विकास और उद्योग मंत्री के रूप में कार्य करने का लंबा एक्सपीरियंस है। मिश्रा विकास कार्यों और ई-गवर्नेंस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं।


संजय सिंह टाइगर


50 वर्ष के संजय सिंह टाइगर ने एलएलबी और ग्रेजुएशन किया है। साल 2010 में संदेश विधानसभा से पहली बार विधायक बनें। 2025 में आरा सीट से दूसरी बार विधायक बने। छात्र राजनीति एवं समाजसेवा में ज्यादा एक्टिव रहे हैं। संघ के समर्पित कार्यकार्तओं के रुप में पहचान पाई है।


डॉ. प्रमोद कुमार


64 वर्ष के डॉ. प्रमोद कुमार ने पीएचडी कर रखी है। इनकी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के समर्पित कार्यकता के रुप में पहचान है। डॉ. प्रमोद कुमार विधान परिषद के सदस्य हैं और नीतीश कुमार सरकार में सहकारिता, वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री के रुप में कार्य कर चुके हैं।


श्रेयसी सिंह


36 वर्ष की उम्र में स्नातक और एमबीए की डिग्री हासिल करने वाली यह नेता अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटर भी रह चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी से जुड़ीं इस महिला राजनेता ने वर्ष 2020 में पहली बार जमुई विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद 2025 में उन्हें नीतीश कुमार सरकार में खेल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने मंत्री के रूप में अपनी भूमिका निभाई।


मिथिलेश तिवारी


55 वर्षीय मिथिलेश तिवारी स्नातक शिक्षित नेता हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में पहली बार बैकुंठपुर विधानसभा सीट से विधानसभा पहुंचने में सफलता हासिल की थी। वर्ष 2025 के चुनाव में इसी क्षेत्र से दोबारा जीत दर्ज करने के बाद उन्हें पहली बार मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली। भारतीय जनता पार्टी में वे प्रदेश महासचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।


रमा निषाद


58 वर्षीय रमा निषाद ने बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने औराई विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। नीतीश कुमार सरकार में उन्हें पहली बार मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि सम्राट कैबिनेट में वे दूसरी बार मंत्री बनी हैं। रमा निषाद का संबंध एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से है। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जय नारायण निषाद की पुत्रवधु तथा पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं।


केदार प्रसाद


58 साल की केदार प्रसाद ने ग्रेजुएशन किया है। साल 2015 में पहली बार कुढ़नी विधानसभा सीट के विधायक चुने गए। इसके बाद 2025 में इसी सीट से जीते और दूसरी बार मंत्री बने। बता दें कि, ये नीतीश कुमार सरकार में पंचयती राज विभाग मंत्री बने थे।


लखेंद्र कुमार


उम्र 46 वर्ष और पढ़ाई में ग्रेजुएशन कर रखा है। पोतेपुर विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक बनें। 2020 और 2025 में इस सीट पर विजय हुए। ये भाजपा के एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के रुप में कार्य कर चुके हैं।


 कुमार शैलन्द्र


उम्र 58 साल और इंजीनियरिंग की हुए है। इस समय बिहपुर से विधायक है। ये बिहपुर विधासभा सीट से भाजपा के टिकट पर 3 बार विधायक बन चुके हैं। इन्होंने पहली बार चुनाव साल 2010 में जीता। फिर 2020 और 2025 में चुनाव जीतें।


डॉ. राम चन्द्र


59 वर्ष और शिक्षा में पीएचडी कर चुकी है। हायाघाट विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक। राम चंद्र दरभंगा जिला परिषद के सदस्य रह चुके हैं। इनकी पहचान बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ता के रुप में रही है।


अरुण शंकर प्रसाद


65 वर्षीय अरुण शंकर प्रसाद ने स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्राप्त की है। वह वर्तमान में खजौली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भाजपा के अनुभवी नेताओं में शामिल अरुण शंकर प्रसाद लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। इससे पहले वह बिहार सरकार में पर्यटन, कला, संस्कृति और युवा मामलों के विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।


डॉ. संतोष कुमार सुमन


51 वर्षीय इस नेता ने पीएचडी तक की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी, लघु सिंचाई तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभागों में मंत्री पद संभालने का अनुभव प्राप्त है। साथ ही, उनकी पहचान पूर्व मुख्यमंत्री Jitan Ram Manjhi के पुत्र के रूप में भी होती है।


संजय कुमार सिंह


संजय कुमार सिंह की उम्र 45 वर्ष है और ग्रेजुएशन किया हुआ है। 2025 में महुआ विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास के टिकट पर पहली बार विधायक बने और नीतीश सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री बने। इनकी पहचान कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में ज्यादा रही है।


नंदकिशोर राम


53 वर्ष के नंदकिशोर राम ने 2025 में रामनगर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक बनें है और यह कैबिनेट में मंत्री बने हैं। ये बीजेपी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के रुप में जाने जाते हैं।


दीपक प्रकाश


दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं। 2025 में नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री के रुप में कार्यभर संभाला है। वर्तमान में ये किसी सदन के सदस्य नहीं है।


संजय कुमार


52 वर्षीय नेता ने देवघर विद्यापीठ से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बखरी सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद उन्हें नीतीश कुमार सरकार में गन्ना उद्योग विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।


रामकृपाल यादव


इनकी उम्र 68 वर्ष है और इन्होंने एलएलबी व स्नातक किया है। राजनीतिक यात्रा वार्ड पार्षद के रुप में शुरु हुई है। पहली बार दानापुर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित। इससे पहले पांच बार सांसद, एक बार राज्यसभा के सदस्य और विधान परिषद के सदस्य एक बार बन चुके हैं।


श्रवण कुमार


1995 से नालंदा विधानसभा सीट से लगातार विधायक रहे। साल 2006 से ग्रामीण विकास मंत्री के रुप में कार्य किया है। फिलहाल जदयू विधान मंडल दल के नेता है।


निशांत कुमार


निशांत कुमार की आयु 44 वर्ष है और इन्होंने इंजीनियरिंग की है। पूर्व सीएम नीतीश कुमार के पुत्र के रुप में पहचान है। जदयू के युवा नेता के रुप में प्रसिद्ध है। 


शीला कुमारी


2020 से फुलपरास विधानसभा सीट से जदयू के टिकट से दूसरी बार विधायक बनी हैं। ये 2020 में नीतीश सरकार में परिवहन मंत्री बनीं।


लेशी सिंह


उम्र 52 साल और बारहवीं पास है। 2000 से धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से समता पार्टी के टिकट पर पहली बार विधायक बनीं। इसके बाद जदयू के टिकट पर 5 बार विधायक बनीं है। फिलहाल धमदाहा सीट से विधायक। पूर्व में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री के रुप में कार्य कर चुकी हैं।


श्वेता गुप्ता


उम्र 44 शिक्षा - एमबीबीएस- शिवहर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बनीं इनकी पहचान डॉक्टर के रुप में रही है। इनके पति डॉ. वरुण कुमार भी डॉक्टर हैं।