Election के बाद Modi सरकार का बड़ा एक्शन, Bengal-Kerala में Central Schemes को मिलेगी रफ्तार

लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल, केरल व तमिलनाडु के बीच सियासी टकराव कम होने की उम्मीद है, जिससे पीएम श्री और राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी रुकी हुई केंद्रीय योजनाओं को गति मिलेगी। केंद्र सरकार इन राज्यों में योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एक बार फिर से पहल करेगी।
सरकार बदलने के साथ ही पश्चिम बंगाल में पीएम से जुड़ी सभी योजनाओं को अब रफ्तार मिलने वाली है। बंगाल में ममता ने एक भी योजना लागू नहीं की। दूसरी तरफ, तमिलनाडु एवं केरल में भी केंद्र व राज्य के तमाम मु्द्दों पर पहले जैसा टकराव खत्म होने या कम होने की उम्मीद जताई है।
तमिलनाडु ने नीट व राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर जताया एतराज
तमिलनाडु ने भी पीएम श्री योजना लागू करने में आनाकानी दिखाई थी। इसी तरह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) व राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भी स्टालिन सरकार ने विरोध किया था। असल में तीन-भाषा नीति पर उसे खासा एतराज था।
केंद्र सरकार का कहना था, डीएमके सरकार केंद्र द्वारा वित्त पोषित योजनाओं का नाम बदल रही है या उनका श्रेय खुद ले रही है। वहीं, तमिलनाडु और केरल में इसको लेकर केंद्र व सरकार के बीच काफी विरोध रहा है। अब जब चुनाव हो चुका है तो इन तीनों राज्यों में यह योजना लागू करने के लिए केंद्र सरकार एक बार फिर पहल करेगी।



