Bihar NDA में Rajya Sabha की एक सीट पर 'महाभारत', Manjhi-Kushwaha-Chirag में कौन मारेगा बाजी?

बिहार राज्यसभा चुनाव 2024 में एनडीए की पांचवीं सीट को लेकर घमासान तेज हो गया है, जहां जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान के दलों ने अपनी दावेदारी पेश की है। पुराने वादों और वोटों के गणित के बीच बीजेपी नेतृत्व के लिए सहयोगी दलों में संतुलन साधना एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है।
एक बार फिरसे बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने जा रहा है। एक सीट को लेकर एनडीए में जबरदस्त खींचतान चल रही है। बीजेपी , जदयू के हिस्से की चार सीटों के बाद बच रही है एक सीट के लिए एनडीए के तीनों छोटे सहयोगियो हम, आरएलएम व लोजपा (आर) ने दावा कर दिया है। हम और आरएलएम भाजपा को पुराना वादा याद दिला रही है। हालांकि, लोजपा (आर) 19 वोटों का हवाला देकर एक सीट पर दावा करती नजर आ रही है।
इस मामले में बात करें तो जदयू और हम के मुखिया जीतनराम मांझी लोजपा (आर) को सीट देने पर सहमत नहीं है। दूसरी तरफ भाजपा आरएलएम के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र को बिहार सरकार में मंत्री बनाने, विधान परिषद की सीट देने के बाद उन्हें और उपकृत करने के मूड में नहीं है।
मांझी और कुशवाहा दोनों का कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव के समय सीटों के बंटवारे के दौरान भाजपा नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा की एक-एक सीट देने का आश्वासन दिया था।
जदयू में उम्मीदवार को लेकर खींचातन
आपक बता दें कि, जदयू के दो सांसद रिटायर हो रहे हैं उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर हैं। माना जा रहा है कि ईबीसी से जुड़े ठाकुर चूंकि मंत्री है, हो सकता है कि सीएम नीतीश कुमार इनको तीसरे कार्यकाल में दे सकते हैं।
दूसरे संभावित उम्मीदवार के तौर पर जदयू पार्टी महासचिव मनीष वर्मा का नाम सामने आ रहा है। वहीं, इस प्रतिस्पर्धा में आरसीपी सिंह भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सिंह और कुशवाहा लगातार भाजपा नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं।
राजग आश्वस्त क्यों?
बता दें कि, राजग तीन अतिरिक्त मत हासिल करने के प्रति संदेह नजर आ रहा है। इस बीच, भाजपा के सूत्रों ने कहा है कि बसपा का इकलौता विधायक और कांग्रेस (6) के कुछ विधायक मददगार साबित हो सकते हैं। दूसरी तरफ राजद की रणनीति दिवंगत बाहुबली शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब के बहाने एआईएमआईएम को साधने की है। लेकिन इनकी कमजोर कड़ी कांग्रेस और बसपा है।



