Bihar के स्कूलों में फिर लौटेगा Saturday हाफ डे? CM Nitish के फैसले पर टिकी लाखों शिक्षकों की निगाहें

बिहार में सरकारी स्कूलों में शनिवार को फिर से हाफ डे लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है, जिसे विधान परिषद में भी उठाया गया है। शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है।
क्या फिर से एक बार बिहार में सरकारी स्कूलों का शनिवार को हाफ डे (आधा कार्यदिवस) की पुरानी व्यवस्था लागू होगी? दरअसल, यह सवाल बिहार की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन चुका है। हालिए में कोसी से जदयू एमएलसी संजीव सिंह के नेतृत्व में विधान परिषद में उठी मांगों और शिक्षक नेता आनंद कौशल के द्वार शिक्षा विभाग को भेजे गए सुझावों ने इस संभावना को बल दिया है।
इस समय बिहार की सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे की व्यवस्था की बहाल होगी या नहीं, इस पर प्रदेश के लाखों शिक्षकों और अभिभावको की निगाहें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिकी हैं। इस दैरान चर्चा है कि मुख्यमंत्री अपने दिल्ली दौरे पर रवाना होने से पहले इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह शिक्षा विभाग के हालिया सख्त नियमों के बीच एक बड़ी राहत के रुप में देखा जा सकता है।
विधान परिषद में गूंजा मुद्दा, शिक्षा मंत्री ने दिया आश्वासन
बीते 16 फरवरी को 2026 को बिहार विधान परिषद के सदस्य डॉ. संजीव कुमार सिंह, प्रो. संजय कुमार सिंह सहित के 20 सदस्यों ने एक सूचना के जरिये सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सदस्यों ने कहा है कि दिसंबर 2023 से पहले शनिवार को हाफ डे की व्यवस्था दशकों चल रही थी, जिसको अचानक से फुल डे में बदल दिया था। जिसके बाद से दूर-दराज के क्षेत्रों में कार्यस्त शिक्षकों को घर लौटने में कठिनाई होती है और वे अपने सामाजिक व पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पाते।
इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तह त दूसरे शनिवार की छुट्टी का प्रविधान भी लागू नहीं किया। इस बीच, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन में स्पष्ट किया कि शनिवार को स्कूलों में हाफ डे शुरु करने की मांग पर अधिकारियों की एक टीम समीक्षा करेंगे। इस समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने भेजा था प्रस्ताव
इसको लेकर बिहार पाठ्यचर्या की रुप-रेखा (बीसीएफ-2025) के निर्माण के लिए एससीईआरटी के शिक्षा विशेषज्ञों और शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सह कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी आनंद कौशल ने शनिवार को हाफ डे करने को लेकर लिखित सुझाव भेजे थे, जिसमें बच्चों के मानसिक विकास को प्राथमिकता दी गई है।
मई 2025 में प्रस्तुत इस प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे शनिवार को पूर्ण अवकाश रखा जाएगा, जबकि दूसरे और चौथे शनिवार को ‘बैगलेस डे’ के रूप में आधे दिन की कक्षाएं आयोजित करने की योजना है। इसके साथ ही विद्यालयों के संचालन समय और सालाना कार्यदिवस तय करने का भी सुझाव दिया गया है।
यह मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संज्ञान में है। मुझे पूर्ण भरोसा है कि वह इस नए शैक्षणिक सत्र से राज्य के 80 हजार सरकारी स्कूलों का संचालन शनिवार को हाफ डे तक ही करने स्पष्ट प्रविधान जरूर करेंगे। - आनंद कौशल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, बिहार विशिष्ट अध्यापक प्रधान शिक्षक संघ



