Maharashtra Politics: Cabinet छोड़कर अचानक Delhi पहुंचे Eknath Shinde, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले हलचल तेज

महाराष्ट्र में शिवसेना के नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कैबिनेट बैठक छोड़कर अचानक दिल्ली रवाना हो गए हैं, जहां उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की संभावना है। दूसरी ओर शिंदे ने उद्धव ठाकरे द्वारा चुनाव चिह्न फ्रीज करने की मांग पर तीखा हमला बोला है।
मंगलवार को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे फिर से कैबिनेट की मीटिंग में शामिल नहीं हुए और अचानक से दिल्ली चले गए। सूत्रो से हवाले से पता चला कि, सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना पार्टी के नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न मामले की सुनवाई अब आखिरी चरण में है।
अब उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते सुप्रीम कोर्ट जल्द ही अपना फैसला सुना सकता है। संभावना है कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। इस बीच, डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि वह संगठन के पदाधिकारियों से मिलने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
उद्धव ठाकरे ने सिंबल फ्रीज करने की मांग की थी
दरअसल, शिवसेना (शिंदे गुट) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर दावे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई में उद्धव सेना के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि यदि कोर्ट ये चिह्न उद्धव गुट को नहीं देता, तो इसे फ्रीज कर देना चाहिए। सुनवाई के समय टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग के फैसले पर कहा था कि विधायक दल की संख्या के आधार पर पार्टी को मान्यता देना सही नहीं है। जिसके बाद से यह संभावना जताई जा रही है कि एकनाथ शिंदे के हाथ से चुनाव चिन्ह फिसल सकता है।
एकनाथ शिंदे ने बोला उद्धव ठाकरे का हमला
जिसके बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सिंबल फ्रीज करने की उद्धव गुट की मांग पर जवाब दिया है। शिंदे कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। बालासाहेब ठाकरे के लिए शिवसेना का धनुष-बाण आस्था और आत्म-सम्मान का विषय था। इस चिह्न को फ्रीज करने की मांग करके उद्धव ठाकरे ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। एकनाथ शिंदे ने यह भी कहा है कि ठाकरे ने पहले शिवसेना की विचारधारा और 2019 में लोगों के जनादेश को फ्रीज किया। उन्होंने विचारधारा को छोड़कर हिंदुत्व और शिवसेना का संविधान बदलकर लोकतंत्र को भी फ्रीज कर दिया है। अब वे धनुष-बाण चिह्न को फ्रीज करने की मांग कर रहे हैं। हमारे लिए बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और विचार महत्वपूर्ण हैं। हम उन्हें आगे बढ़ा रहे हैं क्योंकि इसके लिए महाराष्ट्र की जनता ने हमें अपना आशीर्वाद दिया है।



