Mirabai Chanu की सफलता पर PM Modi ने दी बधाई, Licypriya Kangujam ने Manipur हिंसा पर दागे तीखे सवाल

मीराबाई चानू की जीत पर पीएम मोदी की बधाई के बाद कार्यकर्ता लिसिप्रिया कंगुजम ने मणिपुर हिंसा पर देश की चुप्पी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह विश्लेषण खेल की उपलब्धियों और क्षेत्रीय अशांति के बीच के गहरे विरोधाभास को उजागर करता है। मणिपुर हिंसा, मीराबाई चानू गोल्ड मेडल, लिसिप्रिया कंगुजम, पीएम मोदी बधाई।
कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग के 48 किग्रा वर्ग का खिताब जीतकर मेडल की हैट्रिक पूरी कर ली है। वहीं, मीराबाई चानू ने गेम्स और कॉमनवेल्थ स्नैच रिकॉर्ड भी तोड़े है। इस सफलता के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीराबाई चानू को बधाई दी है।
पीएम ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर मीराबाई चानू की तारीफ की है। हालांकि, पीएम की इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए 14 साल वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता लिसिप्रिया कंगुजम ने देश की जनता से सवाल पूछा है। जानें क्या है पूरा मामला है।
पीएम मोदी ने की थी ये पोस्ट
कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू ने गोल्ड मेंडल जीता है, जिसके बाद पीएम मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर की और लिखा,भारतीय वेटलिफ्टिंग में एक और शानदार अध्याय! प्रतिभाशाली मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में एक बार फिर अपना हुनर दिखाया। उन्होंने 48 किलोग्राम कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। लगातार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने और कुल मिलाकर चौथा CWG मेडल अपने नाम करने के साथ, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। उन्हें बधाई! भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
14 साल की लिसिप्रिया कंगुजम ने पूछा सवाल
इसके बाद इस पोस्ट पर 14 साल की लिसिप्रिया कंगुजम अफने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया। उन्होंने इसे रीपोस्ट करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने बताया कि जब भारत को मेडल की जरुरत थी, तो मणिपुर ने मेडल दिलाए। जब साढ़े तीन साल की हिंसा के बाद मणिपुर को शांति की जरुरत थी, तब पूरा देश खामोश है।
लिसिप्रिया कंगुजम ने सीएम विजय से की थी अपील
कुछ दिन पहले लिसिप्रिया कंगुजम का एक पोस्ट काफी वायरल हुआ था। जिसमें उन्होंने तमिलनाडु के सीएम थलपति विजय से अपनी वीआईपी कुर्सी के पीछे रखे जाने वाले सफेद तौलिए को हटाने की अपील की थी। जिसके बाद विजय ने बच्ची की इस एक्स पोस्ट पर विजय ने अपनी कुर्सी से सफेद तौलिया हटा दिया था।
आपको बताते चलें कि विजय ने पूछा था कि क्या हम भारत में VIP कुर्सियों पर तौलिया रखने की इस 'तौलिया संस्कृति' को खत्म कर सकते हैं? लोग पहले से ही जानते हैं कि भारत में मुख्यमंत्री VIP होते हैं। वैसे इस तौलिया की संस्कृति का पालन मंत्री, नौकरशाह और यहां तक कि छोटे अधिकारी भी कर रहे हैं। सर, आप एक बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। आप इस बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं।
When India needed medals, Manipur delivered. 🥇
— Licypriya Kangujam (@LicypriyaK) July 26, 2026
When Manipur needed peace after 3½ years of violence, whole India 🇮🇳 is silence 😭💔😢 https://t.co/E9nCIMyhEr



