Budget 2026: निर्मला सीतारमण की कांजीवरम साड़ी, क्या है Tamil Nadu चुनाव से इसका सीधा कनेक्शन?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के दिन पारंपरिक कांजीवरम साड़ी पहनकर आगामी तमिलनाडु चुनावों के लिए एक सांकेतिक संदेश दिया है। उनकी साड़ियों का चुनाव लगातार एक राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रतीक बन गया है, जो चुनावी राज्यों की विरासत को उजागर कर भाजपा की पहुंच को दर्शाता है।
आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही है। लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने के लिए तैयार है निर्मला सीतारमण। जब वे कर्तव्य भवन पहुंची तो उन्होंने हाथ से बुनी हुई खूबसूरत मैरून रंग की कांजीवरम साड़ी पहनी थी, जो उनके गृह राज्य तमिलनाडु की सदियो पुरानी सांस्कृतिक विरासत को अभार जताया है। आपको बता दें कि, इसी साल तमिलनाडु में चुनाव होने वाले हैं, जहां भाजपा को दक्षिणी राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने की उम्मीद की जा रही है।
वित्त मंत्री सांस्कृतिक प्रतीक से जुड़ी हुई साड़ियां पहनती हैं
पिछले कुछ वर्षों में सीतारमण द्वारा बजट के दिन पहनी जाने वाली साड़ियां एक सांस्कृतिक प्रतीक बन गई हैं, जो विरासत और प्रतीकों को राजनीतिक संकेतों के साथ जोड़ती हैं। रविवार को भी ऐसा ही देखने को मिला। वित्त मंत्री ने सुनहरे भूरे रंग की चेक वाली और कॉफी-भूरे रंग की धागे की कढ़ाई वाली बॉर्डर वाली मैरून कट्टम कांजीवरम साड़ी पहनी।
पिछले साल बिहार की मधुबनी संस्कृति की साड़ी पहनी थी
आपको बताते चलें कि, तमिलनाडु में परंपरागत रूप से बुनी जाने वाली कांजीवरम साड़ियों को 2005 में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त हुआ। पिछले साल सीतारमण ने बिहार की एक ऑफ-व्हाइट हथकरघा रेशमी साड़ी पहनी थी, जिस पर मधुबनी की जटिल कारीगरी थी। बिहार में नवंबर में चुनाव हुए थे। यह साड़ी उन्बें पद्म श्री से सम्मनित दुलारी देवी ने उपहार में दी थी।
वर्ष 2024 में एनडीए की लोकसभा जीत के बाद पूर्ण बजट पेश करते हुए, सीतारमण ने चमकीले मैजेंटा बॉर्डर वाली एक खूबसूरत मंगलगीरी साड़ी पहनी थी। साड़ी की सूती बनावट और जरी बॉर्डर ने आंध्र प्रदेश की हथकरघा विरासत को उजागर किया।
तमिल नाडु चुनाव
बात करें लोकसभा चुनावों में भाजपा ने अपने दम पर साधारण बहुमत हासिल करने में विफल रही। सरकार बनाने के लिए के लिए चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और नीतीश कुमार की जेडीयू पर निर्भर रहना पड़ा। भाजपा उस गठबंधन का हिस्सा थी जिसने उस वर्ष आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव जीते थे।
इस बार नरेंद्र मोदी सरकार का केंद्रीय बजट ऐसे समय पर आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा उत्पन्न ग्लोबल व्यापार तनाव बढ़ रहे हैं, रुपये पर दबाव है और घरेलू मांग में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
सर्वे ने बताया जीडीपी में वृद्धि होगी
29 जनवरी को पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की निकट भविष्य की विकास संभावनाओं पर आशावादी रुख अपनाया गया है और आगामी वित्तीय वर्ष में जीडीपी में 6.8-7.2% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।



