PoK में Pakistan से 'आजादी' की मांग तेज, Protest में लगे नारे- 'भारत से करो बात'

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है, जहाँ नेता सरदार अमन खान ने पाक सेना पर पहले हथियार देकर अब कश्मीरियों को आतंकी कहने का आरोप लगाया है। 38 सूत्रीय मांगों को लेकर हो रहे इस आंदोलन ने पाकिस्तान से पूर्ण अलगाव की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सरकार के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन अब 24वें दिन भी जारी है। रावलकोट में करीब 80 हजार लोग विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए। जेएएसी (JAAC) के प्रमुख सरदार अमन खान ने कहा कि जिन कश्मीरियों को पहले पाकिस्तान की सेना ने हथियार दिए थे, आज उन्हीं को आतंकवादी बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारी अपनी 38 मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर उनकी बातें नहीं मानी गईं, तो वे पाकिस्तान के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
इस बीच, अमन खान ने दावा किया कि फरवरी 2025 में रावलाकोट में जैश-ए-मोहम्मद की एक रैली निकली थी, जिसमें लोग खुलेआम AK-47 और तलवारे लेकर शामिल हुए थे। उन्होंने आरोप भी लगाए कि उस समय रावलाकोट के डिप्टी कमिश्नर ने न सिर्फ इस रैली की परमिशन दी थी, बल्कि सुरक्षा भी उपलब्ध कराई थी। उन्होंने कहा, 'पहले हथियारों के साथ रैलियां कराई गई और अब हमें आंतकवादी कहा जा रहा है। इस जमीन पर रहने वाले लोग ही इसके असली वारिस है'।
क्या हैं मांगे?
दरअसल, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन 38 प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा है। अमन खान ने चेतावनी दी है कि सरकार ने इन मांगों को जल्द नहीं माना तो आंदोलन सिर्फ सुधारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पाकिस्तान से पूरी तरह अलग होने की मांग की जा रही है।
भारत से बातचीत की उठी मांग
इन रैलियों में कुछ वक्ताओं ने पाकिस्तान के नियंत्रण को खारिज कर भारत के साथ बातचीत बढ़ाने की जरुरत भी बताई है। अमन खान ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और इस क्षेत्र की जरुरत पाकिस्तान को ज्यादा है, न कि यहां पर रहने वालों की।
विदेशों तक पहुंचा आंदोलन
बता दें कि, पीओके के इस आंदोलन की चर्चा विदेशों तक पहुंच रही है। वहां के लोगों से समर्थन भी मिल रहा है। कई देशों में पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किए गए हैं। इससे यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। लेकिन दावों और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान की तरफ से इन बयानों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



