Ram Mandir Trust में चढ़ावे की लूट? SIT जांच के बाद PMO अलर्ट, बड़े पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज

दिव्यांशी भदौरिया     Jun 22, 2026
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Ram Mandir Trust में चढ़ावे की लूट? SIT जांच के बाद PMO अलर्ट, बड़े पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज

राम मंदिर चंदा गबन मामले में SIT की प्रारंभिक जांच पूरी हो गई है, जिसमें ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पीएमओ की सीधी निगरानी के बीच, शासन को रिपोर्ट सौंपने के बाद जल्द ही बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।

इस बीच, देशभर में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब कार्रवाई को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक मंथन जारी है। मीडिया खबर के अनुसार, एसाईटी की जांच में ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों तक जांच की जाएगी। बता दें कि, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा राशि से जुड़े गबन और अनियमतिताओं के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की  प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। 

वहीं, इस जांच रिपोर्ट को अब शासन को सौंपी जाएगी, जिसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों से पता चला है कि इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के कई बड़े पदाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिससे जांच की आंच लखनऊ से लेकर दिल्ली तक पहुंच चुकी है। 


संभावित कार्रवाई 

सूत्रों से पता चला है कि, एक-दो दिन के भीतर कार्रवाई शुरु हो सकती है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। पूरा घटनाक्रम राम मंदिर जैसे संवेदनशील मामले से जुड़ा हुआ, जिससे अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। 


पीएमओ तक गोपनीय रिपोर्ट भेजी गई

इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है कि पीएमओ की नजर इस पर बनीं हुई है। इतना ही नहीं पीएमओ के कई अधिकारी खुद मंदिर पहुंचकर छानबीन कर चुके हैं। सूत्रों से पता चला है कि इन अफसरों ने भी एक गोपनीय जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसको पीएमओ भेजा गया है। इसमें भी हेरफेर से लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की लापरवाही व कुछ की भूमिका संदिग्ध होने की बात बताई है। इसलिए इस मामले को लेकर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। 


बयानों के सापेक्ष मिले सुबूत

एसआईटी और पीएमओ की टीम ने कई लोगों के बयान लिए है। वैसे ये लोग वो है, जो ट्रस्ट पदाधिकारियों पर आरोप लगा रहे थे। जांच में कई सबूत भी मिले है। मामला काफी गंभीर है। 


टिन्नू समेत कई पर जल्द कसेगा शिकंजा

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा टिन्नू की भूमिका को लेकर हो रही है। बताया जाता है कि वह पहले चंपत राय का चालक रह चुका है और वर्तमान समय में कई महत्वपूर्ण कार्यों में उसकी सक्रिय भागीदारी रही है। सूत्रों का कहना है कि जिस प्राथमिकी को दर्ज करने की तैयारी की जा रही है, उसमें टिन्नू को मुख्य अभियुक्त बनाया जा सकता है। उसके अलावा कुछ गणनाकर्मियों के नाम भी शामिल होने की संभावना है। साथ ही कई अन्य लोगों को अज्ञात आरोपी के रूप में दर्ज किया जा सकता है। जांच आगे बढ़ने पर प्रभावशाली और बड़े नाम भी मामले से जुड़ सकते हैं। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए आईपीएस अधिकारी की निगरानी में विशेष टीम गठित कर विवेचना कराने पर भी मंथन किया जा रहा है।


चोरी से लेकर लापरवाही के साक्ष्य

एसआईटी रिपोर्ट से पता चला है कि चढ़ावा चोरी को लेकर तमाम साक्ष्य जुटाए गए हैं। गवाहों ने जो बयान दिए है, वे अहम है। सूत्रों से पता चला है कि कई पदाधिकारियों की मिले होने की आशंका है। इसके साथ ही व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की भूमिका विस्तृत रुप से दर्ज हो चुकी है। एसआईटी के रिपोर्ट लेकर सीएम को ब्रीफ करेंगे। इसके बाद ही निर्देश मिलते ही कार्रवाई शुरु होगी। 


40 गणनाकर्मी हटाए गए

इस मामले को लेकर गणना में लगे कुल 40 कर्मचारियों को आखिरकार हटा दिया है। अब बैंक की तरफ से नए गणनाकर्मियों को नियु्क्त किया गया है। इसके साथ ही निगरानी भी बढ़ा दी गई है। एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट और मंदिर के अधिकारियों को अयोध्या नहीं छोड़ने का निर्देश जारी कर दिया है।