Rajasthan Assembly: स्कूलों में मीडिया Entry पर भारी बवाल, महज 21 मिनट में सदन स्थगित

राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन स्कूलों में प्रवेश प्रतिबंध को लेकर हुए हंगामे के कारण केवल 21 मिनट ही चल सका। विपक्ष ने इसे सरकार की जवाबदेही से बचने का प्रयास बताते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। राजस्थान विधानसभा, मदन दिलावर, स्कूल मीडिया बैन, राजनीतिक गतिरोध।
इस गुरुवार को राजस्थान विधानसभा के 16वीं विधानसभा के छठे सत्र की शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने के सरकार के आदेश का विरोध किया। इस दौरान बहुत हंगामा हुआ, जिस कारण से विधानसभा की कार्यवाही पहले दिन 21 मिनट तक चली है।
कांग्रेस ने पोद्दार मूक बाधिर स्कूल से विधानसभा तक विरोध मार्ट निकाला। जिसके बाद विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक धरने पर बैठे।
पहले दिन 21 मिनट ही चली विधानसभा
आपको बताते चलें कि राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र से पहले दिन विपक्ष के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही लगभग 21 मिनट तक चली। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद ही सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
जिसके बाद से कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा गेट के बाहर चल रहा धरना समाप्त किया। स्कूलों में मीडिया एंट्री का मुद्दा अब विधानसभा सत्र में भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का मुख्य विषय बन गया है। वहीं, कांग्रेस ने सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता से जोड़ते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज कर रहे हैं। राजस्थान सरकार विद्यार्थियों की निजता और शैक्षिणक माहौल से जुड़ा कदम मान रही है।
क्या बोले शिक्षा मंत्री?
इस बीच, शिक्षा मंत्री मदन दिलवार ने मीडिया की एंट्री से जुड़े आदेश का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मीडिया को प्रतिबंधित करना नहीं, बल्कि बच्चों की निजता और पढ़ाई के माहौल की सुरक्षा करना है। मंत्री ने बताया कि पत्रकार पूर्व अनुमति लेकर स्कूलों में जा सकते हैं।
रवींद्र सिंह भाटी ने की सरकारी भर्ती में इंटरव्यू खत्म करने की मांग
रवींद्र सिंह भाटी ने 4200 ग्रेड पे तक की सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू प्रोसेस को पूरी तरह खत्म करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इससे भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर रोक लगेगी। भाटी ने ग्रामीण युवाओं के लिए समान अवसर देने की मांग की । इसके साथ ही चेतावनी दी कि युवाओं के आंदोलन में सरकारों को गिराने की ताकत है।



