UP Rajya Sabha Chunav: BJP और SP की बागी विधायकों पर नजर, सेंधमारी की तेज हुई रार

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों और राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा और सपा में सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है। 396 की प्रभावी संख्या वाले सदन में एनडीए के पास 293 और सपा गठबंधन के पास 103 विधायक हैं। क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए दोनों दल पूरी तरह सतर्क हैं और एक-दूसरे के असंतुष्ट विधायकों पर नजर रख रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर काफी राजनीतिक पार्टियों में काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। राज्य में भाजपा और समाजवादी पार्टी की नजर राज्य के उन माननीयों पर है जो आगामी विधानसभा चुनाव में अपना टिकट कटने की आशंका में डरे हुए हैं। दोनों ही पार्टियां ऐसे विधायकों को अपने पाले लाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अभी अपना पिटारा नहीं खोला है, लेकिन सपा ने रामगोपाल यादव व धनराज नथवानी को उतारा है। वैसे हिसाब-किताब दोनों तरफ से किया जा रहा है। इन चुनावों के लिए यदि वोटिंग की नौबत आई, तो क्रॉसवोटिंग का खेला दोनों ओर किए जाने की कोशिश होगी।
बता दें कि, 10 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव में एक सीट निकालने के लिए प्रथम वरीयता के 37 वोटों की जरुरत होगी। जरुरी संख्या का जुगाड़ होने पर सपा अपना तीसरा प्रत्याशी उतारेगी, वहीं बीजेपी भी तय करेगी कि उसे 8 सीटों पर ही उम्मीदवार उतारने हैं या और आगे बढ़कर खेलना है।
भाजपा सतर्क, सपा में सेंधमारी की तैयारी
आपको बताते चलें कि, पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ इसलिए जीत गए क्योंकि सपा में क्रॉसवोटिंग हो गई। इस बार सपा की आक्रामकता को देखते हुए भाजपा खासी सतर्क है और अपने उन विधायकों पर खास तौर पर नजर रखें है जो सम-समय पर बगावती तेवर दिखा चुके हैं।
इन्हीं में एक विधायक बुंदेलखंड से आते हैं। वैसे तो भाजपा के पास 255 विधायक व सहयोगी दलों के पास 33 विधायक हैं। वहीं, साप के बागी व असंबद्ध में कई भाजपा के साथ नजर आए।
अंकगणित के हिसाब किताब में बाजी पलटने की कोशिश
उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदस्य सुधाकर सिंह, श्याम बिहारी लाल, विजय सिंह, उमाशंकर सिंह, आलमबदी, अनिल कुमार व छोटे लाल की मृत्यु हो जाने से 7 सीट खाली हैं। इसलिए 403 सदस्यीय सदन की प्रभावी संख्या 396 है।
भाजपा के 255, अपना दल सोनेलाल के 13, राष्ट्रीय लोकदल के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 6 व निर्बल शोषित हमारा समाज-निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं। वहीं, जनसत्ता दल को दो विधायक व असंबंद्ध तीन विधायकों को समर्थन भी एनडीए के खेमे को माना जा रहा है। इसलिए एनडीए के पाले में अभी कुल 293 विधायकों का समर्थन हैं। लेकिन सपा के पास 101 विधायक व कांग्रेस के पास दो विधायक हैं।



