Punjab Congress की कलह में राणा गुरजीत बने Crisis Manager, चन्नी-बघेल की Meeting में क्या हुआ?

दिव्यांशी भदौरिया     Jul 13, 2026
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Punjab Congress की कलह में राणा गुरजीत बने Crisis Manager, चन्नी-बघेल की Meeting में क्या हुआ?

पंजाब कांग्रेस में जारी कलह के बीच, प्रभारी भूपेश बघेल ने पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके खेमे से राणा गुरजीत सिंह के आवास पर 80 मिनट तक बैठक की, लेकिन नेतृत्व को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका, जिससे पार्टी में गुटबाजी और गहरा गई है।

अब ज्यादा दिन नहीं बचें पंजाब विधानसभा चुनाव होने में, लेकिन इस बीच पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। असल में 5 दिन के पंजाब दौरे पर पहुंचे भूपेश बघेल की अंतिम दिन पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात हुई। 

चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने समर्थकों के साथ गुरजीत सिंह के आवास पर भूपेश बघेल को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की इच्छा से अवगत कराया जाए। इससे पहले चन्नी भूपेश बघेल को न तो रिसीव करने पहुंचे थे और न ही उनके द्वारा बुलाई गई मीटिंग में शामिल हुए थे। आपको बता दें कि, कांग्रेस के हाईकमान ने भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाया है।


राणा के घर पर 80 मिनट तक चली मीटिंग

आपको बताते चले कि चरणजीत सिंह चन्नी और उनके खेमे में गए पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ तमाम नेता राणा गुरजीत सिंह के आवास पर इक्ट्ठे हुए। इन सभी से भूपेश बघेल ने बातचीत की। लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया, बल्कि मीटिंग के बाद सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने यह बयान दिया है कि कंप्रोमाइज नेता नहीं चाहिए। इस बैठक में पंजाब कांग्रेस के चीफ अमरिंदर राजा सिंह वडिंग नहीं शामिल हुए। 


सूत्रों की माने तो चन्नी चुनावों से पहले कंट्रोल चाहते हैं। इनकी इच्छा है कि वे चुनावों को लीड करें। भूपेश बघेल ने मीटिंग के बाद कहा कि किसी भी तरह की गुटबाजी नहीं है। कुछ चीजें हैं। जिन्हें सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं हाईकमान को जैसा स्थिति है वैसी रिपोर्ट दूंगा। बघेल की चन्नी और उनके समर्थकों के साथ मीटिंग 80 मिनट तक चली।


जानें कौन है राणा गुरजीत सिंह?

बता दें कि, राणा गुरजीत सिंह पंजाब के कपूरथला से कांग्रेस के विधायक हैं। वह पंजाब विधानसभा में लगातार कपूरथला निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। राणा गुरजीत साल 2012, 2017 और 2022 में तीन बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। 

वहीं, उन्होंने साल 2002 में भी इसी सीट से जीत हासिल की थी। इतना नहीं, यह  पूर्व में 2004 से 2009 के दौरान वह जालंधर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा, गुरजीत पंजाब की कांग्रेस सरकारों में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी सेवा दे चुके हैं।