'उन्हें कभी Deputy CM नहीं समझा', Fadnavis पर Eknath Shinde का बड़ा बयान, क्या हैं इसके सियासी मायने?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ किसी भी तरह के मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वे उन्हें कभी डिप्टी सीएम नहीं, बल्कि एक सहयोगी सीएम ही समझते हैं। बीएमसी चुनावों की पृष्ठभूमि में शिंदे ने स्पष्ट किया कि उनके और फडणवीस के बीच कोई 'कोल्ड वॉर' नहीं है और उनका साझा एजेंडा मुंबई का विकास करना है।
महाराष्ट्र के मुंबई में बीएमसी के चुनाव होने वाले हैं, जिसके चलते सभी राजनीतिक दल चुनावी प्रचार में लगे हुए है। बीएमसी चुनावों के साथ राज्य के दूसरी महानगरपालिका चुनावों के लिए प्रचार जारी है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में आने वाले अंबरनाथ में बीजेपी ने कांग्रेस के साथ शिवसेना को झटका दिया है, हालांकि इस सब के बीच बीजेपी और शिवसेना के नेता मुंबई में मिलकर प्रचार कर रहे हैं। हाल ही में शिवसेना के प्रमुख एकनाथ शिंदे का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ संबंधों को लेकर बयान भी सामने आया है। इस बीच, शिंदे ने कहा है मैं सीएम था, तब भी उन्हें डिप्टी सीएम नहीं, सीएम ही समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच सहयोग और सम्मान का संबंध है और उनके रिश्तों में किसी तरह की खटपट नहीं है।
इंटरव्यू में दिया शिंदे ने जवाब
आपको बताते चलें कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने यह प्रतिक्रिया तब दी है जब सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ अपने संबंधों को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगी है। शिंदे ने यह बयान एक मीडिया इंटरव्यू में दिया। जो काफी चर्चा में आ गया है। उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ टकराव की खबरों को पूरी तरह से खारिज किया है। शिंदे ने कहा कि उनके और फडणवीस के बीच कोल्ड वॉर की खबरें सिर्फ मीडिया की उपज हैं और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। इतना ही नहीं, शिदे ने यह भी कहा कि उनके और फडणवीस के बीच रिश्तों को लेकर किसी को कोई शंका नहीं होनी चाहिए। शिंदे ने कहा कि मैं सीएम था तब भी उन्हें सीएम समझता था, कभी उन्हें डिप्टी सीएम नहीं समझा। उन्होंने आगे कहा कि हम 24 बाय 7 काम करने वाले नेता हैं।
मुंबई को रफ्तार तक पहुंचाना एजेंडा है
एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनका और फडणवीस का एजेंडा एक ही है। यही कि मुंबई को सुपर फास्ट करना है। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र को फास्ट तो कर ही रहे हैं। काम करने के लिए थोड़ा समय दीजिए। फडणवीस ने कहा कि अगले एक साल में पूरी मुंबई में पोट होल फ्री हो जाएगी। शिंदे ने जोर दिया कि शिंदे ने कहा कि हम लगातार काम कर रहे हैं ताकि 2027 तक मुंबई की सभी सड़कें गड्डा-मुक्त हों। अब कहा जा सकता है कि शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना अंबरनाथ में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी लेकिन बीजेपी ने कांग्रेस के पार्षदों को शामिल करके सत्ता कब्जा ली।



